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नोएडा के सेक्टर 126 में कई अस्थायी दुकानों में लगी भीषण आग: एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत

पुलिस और दमकल विभाग ने पाया लपटों पर काबू

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा सेक्टर 26 में शनिवार को अचानक भड़की भीषण आग ने भारी तबाही मचाई। सड़क किनारे और खुले परिसर में संचालित कई अस्थायी खोखों और दुकानों (Makeshift Shops) में भड़की आग ने चंद ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की जलने और घने धुएं के कारण दम घुटने से मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन और अग्निशमन विभाग (Fire Department) की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हुईं। पुलिस और दमकल कर्मियों ने संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान चलाकर आसपास की दुकानों को समय रहते खाली कराया और कड़ी मशक्कत के बाद लपटों को पूरी तरह शांत किया। मलबे के बीच अचेत मिले एक व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नोएडा का सेक्टर 126 शहर के व्यस्ततम रिहायशी और वाणिज्यिक क्षेत्रों में गिना जाता है। शनिवार दोपहर के समय जब बाजारों और खान-पान के अस्थायी स्टॉलों पर सामान्य चहल-पहल थी, तभी अचानक एक खोखे से घना काला धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते लकड़ी के तख्तों, प्लास्टिक की तिरपालों और फाइबर शीट से बने इन अस्थायी ढांचों ने आग पकड़ ली।
सूखी लकड़ी, प्लास्टिक और ज्वलनशील सामान की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैली और उसने आसपास की कई अन्य दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। हवा के झोंकों के साथ लपटें इतनी ऊंची उठने लगीं कि आसपास के पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहगीर और स्थानीय दुकानदार अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, जबकि कुछ लोगों ने शुरुआती स्तर पर पानी डालकर लपटों को रोकने का प्रयास किया।
आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और मुख्य अग्निशमन अधिकारी की निगरानी में दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने इलाके की चारों तरफ से घेराबंदी की और पानी की तेज बौछारें मारकर आग को अन्य पक्के मकानों और व्यावसायिक इमारतों की तरफ बढ़ने से रोका।
अभियान के दौरान पुलिस और बचाव दल की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि आसपास के अस्थायी ढांचों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जाए। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आसपास की दुकानों से लोगों को बाहर निकाला। आग की तीव्रता के कारण तापमान इतना बढ़ गया था कि टीन शेड और लोहे के एंगल मुड़ गए थे। करीब एक घंटे के अथक प्रयास के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया और कूलिंग ऑपरेशन शुरू किया।
राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लेने पहुंचे अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP Noida) अभय कुमार मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए आधिकारिक जानकारी साझा की। एडीसीपी अभय मिश्रा ने बताया कि स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवानों को जैसे ही सेक्टर 126 में अस्थायी दुकानों में आग लगने की सूचना मिली, टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र और आसपास के खोखों को खाली कराया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
उन्होंने आगे बताया कि आग बुझाने के दौरान जब तलाशी अभियान चलाया गया, तो मलबे के बीच एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा मिला। पुलिस टीम ने बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के मूल कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक और अग्निशमन विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है, और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण बिजली की तारों में शॉर्ट सर्किट या किसी हीटिंग उपकरण की चिंगारी माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे अस्थायी खोखों में बिजली के कनेक्शन अवैध या असुरक्षित तरीके से खींचे जाते हैं। असुरक्षित वायरिंग, ढीले जोड़ और अत्यधिक लोड के कारण अक्सर तारों में स्पार्किंग होती है। चूंकि ये दुकानें बांस, पॉलीथिन और पतली लकड़ी से तैयार की जाती हैं, इसलिए छोटी सी चिंगारी भी तुरंत विकराल रूप धारण कर लेती है। इसके अलावा इन दुकानों में प्राथमिक अग्निशमन उपकरण जैसे फायर एक्सटिंग्विशर या रेत की बाल्टियां भी मौजूद नहीं थीं।
नोएडा पुलिस और अग्निशमन विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या ये दुकानें अधिकृत थीं और क्या सुरक्षा के न्यूनतम मानकों का पालन किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि मृतक की शिनाख्त की कोशिशें जारी हैं ताकि उसके परिजनों को सूचित किया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट में यदि किसी भी स्तर पर घोर लापरवाही या अवैध गतिविधियों की बात सामने आती है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद सेक्टर 126 और आसपास के क्षेत्रों में संचालित अन्य अस्थायी व्यावसायिक खोखों के सुरक्षा ऑडिट की आवश्यकता भी रेखांकित हुई है।

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