धर्म
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केदारनाथ यात्रा 2026: आस्था का महासैलाब, रिकॉर्ड तोड़ फुटफॉल और सुरक्षा-आपातकालीन प्रबंधों
18 मई, 2026 की शाम तक उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए उमड़ा…
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भोजशाला फैसला: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने परिसर को घोषित किया ‘हिंदू मंदिर’
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने 15 मई, 2026 को धार स्थित विवादित भोजशाला परिसर को लेकर एक…
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वायु सेना का ‘सूर्य किरण’ एयर शो: आसमान में तिरंगा
11 मई, 2026 का दिन गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के लिए केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की…
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बर्फ की आगोश में बाबा केदार: केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था
5 मई, 2026 को उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ धाम ने एक अलौकिक रूप धारण कर लिया है।…
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रणवीर सिंह ‘कांतारा’ मिमिक्री विवाद: कर्नाटक उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला
27 अप्रैल, 2026 को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फिल्म जगत और भारतीय न्यायपालिका के बीच एक अनूठे तालमेल का उदाहरण…
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चारधाम यात्रा 2026 का शंखनाद: आस्था के हिमालयी महाकुंभ
19 अप्रैल, 2026 की सुबह हिमालय की कंदराओं से उठते शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ उत्तराखंड की…
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वृंदावन नाव त्रासदी: यमुना की लहरों में समाया आस्था का सफर
10 अप्रैल, 2026 की दोपहर वृंदावन के आध्यात्मिक वातावरण में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब यमुना की शांत लहरों…
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हिमालय की गोद में ‘सफेद चुनौती’: केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी और चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों पर संकट
6 अप्रैल, 2026 की सुबह जब रुद्रप्रयाग जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सूरज की पहली किरणें पड़ीं, तो केदारनाथ…
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अयोध्या की पावन धरा से ‘सांस्कृतिक निधि’ का प्रकटीकरण: 200 वर्ष पुरानी रामायण की दुर्लभ पांडुलिपि का मिलना
4 अप्रैल, 2026 की सुबह अयोध्या के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो…
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देवभूमि की मर्यादा और आस्था का नया विधान: बद्री-केदार मंदिर समिति का शपथ पत्र नियम
18 मार्च, 2026 को उत्तराखंड के आध्यात्मिक परिदृश्य में एक युगांतरकारी परिवर्तन तब आया जब बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने…
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बांग्लादेश में नागरिक कलह और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा: एक क्षेत्रीय संकट की आहट
बांग्लादेश आज एक ऐसे ऐतिहासिक और कूटनीतिक चौराहे पर खड़ा है, जहाँ उसके द्वारा लिया गया हर फैसला न केवल…
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सरेआम कत्ल, सरेआम सवाल: क्या बांग्लादेश में कानून का राज खत्म हो रहा है?
एक समय था जब बांग्लादेश की पहचान उसकी तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुधारों से होती थी। लेकिन आज,…
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आस्था का सैलाब: भारतीय मंदिरों में उमड़ती भीड़ के पीछे का सामाजिक सच
पिछले कुछ वर्षों में भारत के धार्मिक परिदृश्य में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। चाहे वह…
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भीड़तंत्र का शिकार: दीपू चंद्र दास की हत्या और समाज का गिरता स्तर
मयमनसिंह, बांग्लादेश से आई एक खबर ने न केवल उस देश को, बल्कि पूरी दुनिया को दहला दिया है। दीपू…
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हिजाब, पहचान और राजनीति: संवैधानिक सिद्धांतों की कसौटी पर बिहार का विवाद
भारत का राजनीतिक परिदृश्य अक्सर ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ जैसे बुनियादी मुद्दों से भटककर भावनात्मक और पहचान-आधारित बहस की ओर…
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धार्मिक स्थलों का व्यवसायीकरण: आस्था या व्यापार?
भारत में जब लोग तीर्थ यात्रा पर निकलते हैं, तो वे केवल धार्मिक रिवाज़ों के पालन के लिए नहीं जाते…
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