पर्यावरण
-
वसई ईस्ट के मधुबन में मूसलाधार बारिश से उत्पन्न चरम जलभराव, एनडीआरएफ (NDRF) की जीवन-रक्षक कूटनीति और महानगरीय ड्रेनेज प्रबंधन
04 July 2026 को भारत के आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य, शहरी नियोजन (Urban Planning), आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction), और…
Read More » -
हिमालयी पारिस्थितिकी, मानसून की कतरन और आपदा न्यूनीकरण सुशासन
30 June 2026 को भारत के आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य, पर्यावरण नीतिशास्त्र, हिमालयी जल-पारिस्थितिकी (Himalayan Hydro-Ecology), और संकट प्रबंधन सुशासन (Crisis…
Read More » -
दिल्ली-एनसीआर में कुदरत का रौद्र रूप: तीव्र धूल भरी आंधी, मूसलाधार बारिश और 120 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं का ‘ऑरेंज अलर्ट’
11 June 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) के लिए एक अत्यंत गंभीर, आपातकालीन…
Read More » -
जलवायु परिवर्तन, चरम मौसमी घटनाएं और कृषि-अर्थशास्त्र: कश्मीर के बागवानी क्षेत्र पर ओलावृष्टि व आंधी-तूफान के विनाशकारी प्रभाव
4 जून, 2026 को कश्मीर घाटी से प्राप्त प्रशासनिक और कृषि-पारिस्थितिकीय रिपोर्टों ने संपूर्ण उत्तर भारत में चल रहे मौसमी…
Read More » -
आस्था का महाकुंभ: गंगा दशहरा पर धर्मनगरी हरिद्वार में उमड़ा जन-सैलाब,
25 मई, 2026 की सुबह देवभूमि उत्तराखंड के प्रवेश द्वार और सनातन आस्था के वैश्विक केंद्र हरिद्वार के इतिहास में…
Read More » -
सुलगते हिमालयी जंगल: टिहरी गढ़वाल के बुदोगी में लगी भीषण वनाग्नि
24 मई, 2026 को उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच पर्यावरण सुरक्षा को लेकर…
Read More » -
उत्तर प्रदेश में भीषण लू का महा-संकट: बांदा में 47.6°C के साथ जलवायु परिवर्तन की आहट
28 अप्रैल, 2026 की तारीख उत्तर प्रदेश के मौसम विज्ञान के इतिहास में एक ‘खौफनाक’ अध्याय के रूप में दर्ज…
Read More » -
वंतारा यूनिवर्सिटी: वन्यजीव संरक्षण और पशु चिकित्सा विज्ञान में एक वैश्विक क्रांति
10 अप्रैल, 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने अपने 31वें जन्मदिन के अवसर पर जामनगर, गुजरात…
Read More » -
हिमालय की गोद में ‘सफेद चुनौती’: केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी और चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों पर संकट
6 अप्रैल, 2026 की सुबह जब रुद्रप्रयाग जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सूरज की पहली किरणें पड़ीं, तो केदारनाथ…
Read More » -
थार के मरुस्थल में ‘कुदरत का कहर’: जैसलमेर और बीकानेर में ऐतिहासिक ओलावृष्टि रेगिस्तान की ‘सफेद चादर’ और किसानों की ‘कमाई’ की बर्बादी
4 अप्रैल, 2026 की सुबह जब राजस्थान के जैसलमेर और बीकानेर जिलों के ग्रामीण इलाकों में सूरज उगा, तो नजारा…
Read More » -
दिल्ली-एनसीआर में कुदरत का अनोखा मिजाज: मार्च में जनवरी जैसी सुबह, भारी बारिश के बाद घने कोहरे की चादर और लुढ़कता पारा
21 मार्च, 2026 की सुबह दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के निवासियों के लिए किसी बड़े मौसम संबंधी अचंभे…
Read More » -
तेहरान की “विषाक्त वर्षा”: युद्ध के पर्यावरणीय घाव और एक अदृश्य रासायनिक आपदा
7 मार्च, 2026 की शाम तेहरान के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। पास…
Read More » -
जब शीत लहर बन जाए दुश्मन: उत्तर भारत की जमती सुबह और प्रशासनिक सुस्ती
उत्तर भारत में सर्दियों का आना कभी गुलाबी ठंड और गुनगुनी धूप का अहसास कराता था, लेकिन पिछले कुछ दशकों…
Read More » -
जब पीने का पानी ही जानलेवा बन जाए: इंदौर की त्रासदी और सार्वजनिक स्वास्थ्य की चेतावनी
इंदौर यह नाम सुनते ही हमारे मन में भारत के सबसे स्वच्छ शहर की तस्वीर उभरती है। वह शहर जिसने…
Read More » -
जीरो विजिबिलिटी, जीरो तैयारी: आखिर क्यों कोहरे के आगे हर बार बेबस हो जाता है एनसीआर?
दिसंबर और जनवरी की सर्दियाँ उत्तर भारत के लिए सिर्फ कड़ाके की ठंड नहीं, बल्कि एक डरावनी धुंध लेकर आती…
Read More »
