मालवीय नगर हादसा – मृतकों के परिवार ही नहीं होटल के शेफ को भी है न्याय का इंतज़ार।
बीते हफ़्ते राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे में आग लगने से 18 विदेशी नागरिकों सहित कुल 21 लोगों की मौत हो गयी। दक्षिणी दिल्ली में स्थित यह होटल आपात स्थिति में सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजामात के बिना चल रहा था। होटल के पास केवल 6 कमरों की इजाज़त थी जबकि होटल 20 से अधिक कमरों के साथ चल रहा था। फायर विभाग से जरूरी NOC के बगैर देश की राजधानी दिल्ली के पौश इलाके दक्षिणी दिल्ली में पुलिस स्टेशन से चंद कदमों की दूरी पर शासन-प्रशासन के नाक के नीचे तमाम नियम-कानूनों को ताक पर रखकर यह होटल अवैध तरीके से कारोबार कर रहा था.
4 जून की सुबह के समय ही इस होटल में आग लग गई और उस वक्त होटल में होटल कर्मियों के अलावा बड़ी तादाद में मेहमान रुके हुए थे। आग होटल के बेसमेंट से शुरू हुई जहां शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की बात कही जा रही है। बेसमेंट में ही होटल के किचन और रेस्टोरेंट होने की बात सामने आई है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच के लिए जहां होटल के मालिक और मैनेजर को गिरफ़्तार किया है वही होटल के शेफ केशर सिंह नेगी को भी पूछताछ के लिए बुलाया और बाद में उनको गिरफ़्तार कर लिया। बाद में साकेत कोर्ट में उनको पेश किया गया जहां कोर्ट ने उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
शेफ की गिरफ्तारी पर सवाल
लगभग 65 वर्षीय शेफ केशर सिंह नेगी मूलतः उत्तराखंड के पौड़ी जिले के रहने वाले है और रोजगार की वजह से पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन में अपने परिवार के साथ रहते है। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं.
शेफ केशर सिंह नेगी की गिरफ़्तारी से इस बात की शंका को बल मिलता है कि कही पुलिस बड़ी मछली को बचाने के लिए एक शेफ को बलि का बकरा न बना दे.? होटल में सुरक्षा के लिए जरूरी व्यवस्था करना होटल के मालिक और मैनेजमेंट का काम है न कि होटल के किसी सामान्य कर्मी का। अवैध निर्माण के लिए कोई होटल कर्मचारी नहीं बल्कि होटल के मालिक और वो प्रशासन ज़िम्मेदार है जिसके नाक के नीचे ये होटल अवैध निर्माण और बिना फायर NOC के चलता रहा और किसी को कुछ ख़बर ही नहीं हुई.
इसलिए ऐसे में इस केस में एक सामान्य होटल कर्मचारी की गिरफ़्तारी कई सवालों को जन्म देती है। और पुलिस को आने वाले समय में उनका जवाब भी देना होगा.
परिवार को अपनों का सहारा
शेफ केशर सिंह नेगी का परिवार काफी परेशान है और बहुत चिंतित भी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद सामान्य है। ऐसे में परिवार को हिम्मत और सहारा देने के लिए रिश्तेदारों और उत्तराखंड मूल के लोगों का घर आने का सिलसिला जारी है। परिवार को कानून पर पूरा विश्वास तो है ही साथ ही केशर सिंह नेगी के स्वास्थ्य की चिंता भी.
उत्तराखंड समाज के अनेक लोग परिवार से मिलने उनके घर पर आ रहे हैं और ऐसे में जब हमारे सहयोगी उनके परिवार से बात करने उनके घर गए तो उस समय भी मसूरी की सभासद गीता कुमई परिवार से मिलने घर पर आई थी। उन्होंने वहाँ परिवार को हर संभव कानूनी मदद देने का भरोसा दिलाया तो वही केशर सिंह नेगी की पत्नी मुन्नी नेगी को हिम्मत और हौसला बनाये रखने को कहा.
हमारे सहयोगी से बात करते हुए मुन्नी नेगी कहती हैं कि उन्हें कानून पर भरोसा है और उनके पति केशर सिंह नेगी को जल्द न्याय मिलेगा पर साथ ही अपने पति के स्वास्थ्य और जल्द रिहाई की चिंता में डूबी भी नज़र आती हैं.



