शारदीय नवरात्रि के पावन अनुष्ठान और शक्ति आराधना के महापर्व के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के करोड़ों नागरिकों, सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और आस्थावान श्रद्धालुओं के हित में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सांस्कृतिक निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद आधिकारिक रूप से घोषणा की कि 19 अक्टूबर 2026 (दिन: सोमवार) को ‘महानवमी’ (Mahanavami) के पावन अवसर पर समूचे उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश (State Public Holiday) रहेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तथा उत्तर प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department – GAD) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह अवकाश उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक समान रूप से प्रभावी होगा। इस निर्णय के तहत राज्य सरकार के अधीन आने वाले समस्त प्रशासनिक, नागरिक व विकास कार्यालय, विभागाध्यक्षों के कार्यालय, सचिवालय, जिला कलेक्ट्रेट, विकास भवन, सभी राजकीय व सहायता प्राप्त (Aided) तथा निजी विद्यालय, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल, माध्यमिक शिक्षा परिषद के कॉलेज, प्राविधिक एवं व्यावसायिक शिक्षण संस्थान, डिग्री कॉलेज तथा राज्य विश्वविद्यालय पूरी तरह बंद रहेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि भारतीय सनातन परंपरा में आदिशक्ति मां भगवती के नौवें स्वरूप ‘मां सिद्धिदात्री’ के पूजन और कुंवारी कन्याओं के चरण पखारकर किए जाने वाले ‘कन्या पूजन’ का स्थान अद्वितीय है। हर परिवार, गृहस्थ और साधक इस दिन अपने घरों और शक्तिपीठों में हवन, यज्ञ और कन्या भोज का आयोजन करता है। सोमवार को कार्यदिवस (Working Day) होने के कारण कर्मचारियों और कामकाजी नागरिकों के समक्ष पूजा और पारिवारिक अनुष्ठानों को लेकर जो व्यावहारिक असुविधा उत्पन्न हो सकती थी, यह अवकाश घोषित कर उसका सहज समाधान कर दिया गया है। इस निर्णय से न केवल राज्य के कर्मचारियों में हर्ष की लहर दौड़ गई है, बल्कि लगातार तीन दिनों का अवकाश चक्र बनने से धार्मिक पर्यटन और लोक-उत्सव के उल्लास को भी बड़ा संबल मिला है।
मार्कंडेय पुराण और दुर्गा सप्तशती के अनुसार मां दुर्गा का नौवां स्वरूप मां सिद्धिदात्री का है। वे कमल पुष्प पर विराजमान हैं और उनकी चार भुजाएं हैं जिनमें शंख, चक्र, गदा और पद्म सुशोभित हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने भी सभी सिद्धियां मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही प्राप्त की थीं, जिसके कारण उनका आधा शरीर देवी का हुआ और वे ‘अर्धनारीश्वर’ कहलाए। महानवमी के दिन साधक अपने नौ दिनों के जप, तप और उपवास की पूर्णाहुति के रूप में विशेष हवन संपन्न करते हैं।
उत्तर प्रदेश और समूचे उत्तर भारत में महानवमी के दिन ‘कन्या पूजन’ (कुमारी पूजन) अनिवार्य अनुष्ठान है। शास्त्रों में 2 से 10 वर्ष की बालिकाओं को देवी के विभिन्न रूपों कुमारिका, त्रिमूर्ति, कल्याणी, रोहिणी, कालिका, चंडिका, शांभवी, दुर्गा और सुभद्रा का प्रतीक माना गया है। श्रद्धालु काल से ही कन्याओं को आदरपूर्वक अपने घर आमंत्रित करते हैं, उनके चरण दूध और स्वच्छ जल से पखारते हैं, उन्हें कुमकुम का तिलक लगाते हैं, कलावा बांधते हैं और पूरी, चना, हलवा तथा खीर का भोग अर्पित करते हैं।
इसके उपरांत उन्हें वस्त्र, अध्ययन सामग्री और दक्षिणा देकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। मुख्यमंत्री द्वारा सोमवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने से लाखों परिवारों को यह सघन और आदरपूर्ण अनुष्ठान बिना किसी समय-सीमा के दबाव के संपन्न करने में मदद मिलेगी।
लगातार तीन दिनों की छुट्टी मिलने से राज्य के प्रसिद्ध धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ने का अनुमान है मां विंध्यवासिनी के नव-निर्मित भव्य विंध्य कॉरिडोर में नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। तीन दिनों की छुट्टी से पूर्वांचल, बिहार और मध्य प्रदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी उछाल आएगा। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में भव्य राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार शारदीय नवरात्रि में इतना बड़ा जनसैलाब देखा जा रहा है। श्रद्धालु सरयू स्नान और रामलला के दर्शन के साथ मां बड़ी देवकाली और शीतला माता के दर्शन का पुण्य लाभ लेंगे। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 51 शक्तिपीठों में से एक मां पाटेश्वरी देवीपाटन मंदिर में नेपाल और भारत के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इन सभी प्रमुख केंद्रों पर होटल, धर्मशालाएं, होमस्टे और परिवहन सेवाएं पूरी तरह से पैक हो चुकी हैं।
तीन दिनों के इस लंबे वीकेंड का सीधा लाभ राज्य की खुदरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा। त्योहारी सीजन में मिठाई की दुकानों, फल मंडियों, पूजा सामग्री विक्रेताओं, कपड़ा व्यापारियों, स्थानीय हस्तशिल्पियों और टैक्सी संचालकों के व्यापार में 40 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की जा रही है। जो कर्मचारी शहरों में रहकर नौकरी करते हैं, वे अपने पैतृक गांवों में जाकर परिजनों के साथ त्योहार मना रहे हैं, जिससे ग्रामीण बाजारों में भी भारी नकदी प्रवाह (Cash Flow) देखने को मिल रहा है।
19 अक्टूबर को महानवमी के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के विशाल स्मृति भवन में परंपरागत रूप से कन्या पूजन का अनुष्ठान करेंगे। वे स्वयं पीतल की परात में गंगाजल और गुलाब जल से नौ कुंवारी कन्याओं और एक बटुक भैरव के पांव पखारेंगे। इसके बाद उनके माथे पर रोली, चंदन और अक्षत का तिलक लगाकर उन्हें चुनरी ओढ़ाएंगे और उनकी आरती उतारेंगे।अनुष्ठान के अंत में मुख्यमंत्री स्वयं अपने हाथों से सभी कन्याओं को भोजन की थाली परोसेंगे और उन्हें उपहार व दक्षिणा देकर लोक-कल्याण का आशीर्वाद मांगेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह अनुष्ठान केवल एक धार्मिक कृत्य नहीं है, बल्कि यह उनकी सरकार की ‘मिशन शक्ति’ (Mission Shakti) और महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन की नीति का सांस्कृतिक प्रतीक है। मुख्यमंत्री अपने वक्तव्यों में बार-बार रेखांकित करते रहे हैं कि जिस समाज में नारी और कन्याओं का सम्मान देवी के रूप में होता है, वही समाज वास्तव में प्रगतिशील, सुरक्षित और समृद्ध बन सकता है।
लखनऊ, वाराणसी, मिर्जापुर, अयोध्या, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, आगरा और मेरठ के सभी प्रमुख शक्तिपीठों और बड़े दुर्गा पूजा पंडालों के ऊपर निगरानी ड्रोन तैनात किए गए हैं। संवेदनशील चौराहों पर 360-डिग्री नाइट-विजन कैमरों से स्थिति की निगरानी की जा रही है। राज्यभर में प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (PAC) की 140 से अधिक कंपनियां और केंद्रीय बलों की टुकड़ियां संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि असामाजिक तत्व किसी भी प्रकार का खलल न डाल सकें। दुर्गा पूजा पंडालों और मेलों में दर्शन के लिए आने वाली महिलाओं, युवतियों और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए ‘पिंक बूथ’ सक्रिय कर दिए गए हैं और सादी वर्दी में महिला कमांडो तैनात की गई हैं।
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि नवरात्रि के अंतिम दिनों में प्रदेश के किसी भी कोने में कटौती न हो। पावर कॉरपोरेशन ने सभी फीडरों को अलर्ट मोड पर रखा है। नगर विकास विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि मंदिरों, घाटों और रामलीला मैदानों के आसपास दिन में तीन बार विशेष सफाई और फॉगिंग (एंटी-लार्वा छिड़काव) कराई जाए ताकि डेंगू या अन्य मौसमी बीमारियों का कोई खतरा न रहे।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री ने एक बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्मचारियों की धार्मिक भावनाओं और पारिवारिक दायित्वों को समझकर यह अत्यंत सराहनीय निर्णय लिया है। स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश होने से छात्र-छात्राएं अपने घरों में होने वाले कन्या पूजन, दुर्गा सप्तशती पाठ और रामलीला आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 19 अक्टूबर 2026 को महानवमी के पावन पर्व पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय यह दर्शाता है कि एक संवेदनशील शासन व्यवस्था किस प्रकार लोक-आस्था, सनातन परंपराओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के बीच संतुलन स्थापित करती है।
महानवमी केवल कैलेंडर की एक सामान्य तारीख नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों के लिए मातृ शक्ति के वंदन, कन्याओं के सम्मान और धर्म की विजय का पावन उत्सव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यदिवस के दिन छुट्टी की घोषणा करके यह सुनिश्चित कर दिया है कि शासन का कोई भी कर्मचारी या राज्य का कोई भी नागरिक अपनी आस्था और कर्तव्यों के बीच विवश महसूस न करे।विस्तारित 3-दिवसीय अवकाश चक्र के साथ अब पूरा उत्तर प्रदेश आदिशक्ति मां सिद्धिदात्री की कृपा, कन्या पूजन के पवित्र उल्लास और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों के रंग में सराबोर होने के लिए पूरी तरह तैयार है।



