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दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट को दिल्ली पुलिस की हरी झंडी: जेएलएन स्टेडियम में 30 अक्टूबर को गूंजेगी ‘ऑरा टूर’ की धुन

24 घंटे के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद 2,000 निजी गार्ड्स, 700 मीटर 'नो-कार जोन' और सख्त क्राउड प्रोटोकॉल पर बनी सहमति

वैश्विक स्तर पर भारतीय और पंजाबी संगीत का परचम लहराने वाले सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) के आगामी लाइव कॉन्सर्ट को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 24 घंटों से बना संशय आखिरकार खत्म हो गया है। त्योहारी सीजन, कानून-व्यवस्था के दबाव और सुरक्षा इनपुट्स का हवाला देकर अनुमति को रोके जाने के एक दिन बाद, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में आयोजित होने वाले मेगा कॉन्सर्ट को औपचारिक रूप से मंजूरी (Green Light) दे दी है।
यह अनुमति कॉन्सर्ट के आधिकारिक प्रमोटर और आयोजक बुकमायशो लाइव (BookMyShow Live) द्वारा दिल्ली पुलिस मुख्यालय और दक्षिणी जिला पुलिस के आला अधिकारियों के साथ कई दौर की मैराथन बैठकों के बाद जारी की गई है। आयोजकों ने पुलिस की सभी प्राथमिक चिंताओं का बिंदुवार समाधान करते हुए एक संशोधित और उन्नत सुरक्षा ब्लूप्रिंट (Revised Security & Traffic Blueprint) प्रस्तुत किया।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम को कभी आधिकारिक तौर पर रद्द (Cancel) नहीं किया गया था, बल्कि 50,000 से अधिक दर्शकों के जुटने की संभावना और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के चलते अनुमति को ‘विथहेल्ड’ (Withheld/अस्थायी रोक) रखा गया था।आयोजकों द्वारा 1,500 से 2,000 निजी सुरक्षा गार्डों की तैनाती, स्टेडियम के चारों ओर 500 से 700 मीटर के दायरे को ‘नो-कार/पैदल क्षेत्र’ बनाने, और समर्पित क्राउड-कंट्रोल प्रोटोकॉल का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद शुक्रवार शाम अंतिम क्लीयरेंस आदेश जारी कर दिए गए।
14 अक्टूबर को आयोजकों द्वारा दिए गए आवेदन के संदर्भ में डीसीपी (साउथ) ने सूचित किया था कि त्योहारी सीजन के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों की तैनाती बाजारों, मंदिरों, रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में सघन रूप से लगी हुई है। इसके अतिरिक्त, कुछ विशिष्ट सुरक्षा इनपुट्स और भारी भीड़ के कारण कानून-व्यवस्था (Law & Order) के संभावित संकट को देखते हुए 30 अक्टूबर को जेएलएन स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति देने में असमर्थता जताई गई थी। पुलिस ने आयोजकों को कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ाने की सलाह दी थी।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया था कि राज्य पुलिस बल मुख्य रूप से स्टेडियम के बाहरी परिधि में कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक संचालन और वीआईपी मूवमेंट को संभालेगा। स्टेडियम के आंतरिक परिसर, कतार प्रबंधन, बैगेज चेकिंग और दीर्घाओं की सुरक्षा का जिम्मा बुकमायशो द्वारा अनुबंधित 2,000 पेशेवर निजी सुरक्षाकर्मियों और महिला बाउंसर्स पर होगा।
स्टेडियम के आसपास भीषण जाम को रोकने के लिए यातायात पुलिस ने एक व्यापक योजना बनाई है भीष्म पितामह मार्ग, लोधी रोड, मेहरचंद मार्केट और जंगपुरा अप्रोच रोड से जेएलएन स्टेडियम की ओर जाने वाले मार्गों पर 500 से 700 मीटर पहले बैरिकेड्स लगाए जाएंगे। किसी भी दर्शक को अपनी निजी गाड़ी से सीधे स्टेडियम के गेट तक आने की अनुमति नहीं होगी। केवल अधिकृत पास वाले आयोजक वाहनों, कलाकार के काफिले और एम्बुलेंस/फायर टेंडर्स को ही आंतरिक परिधि में प्रवेश मिलेगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के समन्वय से वायलेट लाइन (Violet Line) पर स्थित जेएलएन स्टेडियम मेट्रो स्टेशन और जंगपुरा स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट काउंटर और सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे मेट्रो का उपयोग करें। जिन दर्शकों को वाहनों से आना ही है, उनके लिए सुनहरी पुला, त्यागराज स्टेडियम और सीजीओ कॉम्प्लेक्स की पार्किंग में पूर्व-बुकिंग के आधार पर सीमित पार्किंग स्थान दिए जाएंगे।
दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश करने के लिए तीन स्तरों की सुरक्षा जांच (Three-tier Frisking) से गुजरना होगा पहला बाहरी परिधि पर टिकट स्कैनिंग, दूसरा मेटल डिटेक्टर (DFMD) फ्रेम से गुजरना, और तीसरा हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से व्यक्तिगत जांच।स्टेडियम के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 200 से अधिक हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे और पुलिस के सर्विलांस ड्रोन तैनात रहेंगे।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार सुबह बयान जारी करते हुए आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस उन कलाकारों को जानबूझकर परेशान कर रही है जो जनहित के मुद्दों पर स्वतंत्र विचार रखते हैं।उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि दिल्ली पुलिस एक पॉप कॉन्सर्ट की सुरक्षा संभालने में असमर्थ है, तो यह राजधानी की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन राजनीतिक आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कानून और जनसुरक्षा किसी राजनीतिक दल की सुविधा से नहीं, बल्कि खुफिया इनपुट्स और जमीनी वास्तविकताओं से संचालित होते हैं। जब आयोजकों ने अतिरिक्त सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने की सहमति दे दी, तो तुरंत अनुमति जारी कर दी गई।
अपने पिछले ‘दिल-लुमिनाती टूर’ के दौरान जब दिलजीत हैदराबाद पहुंचे थे, तो महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने उन्हें कानूनी नोटिस जारी कर मंच पर ‘पटियाला पैग’ और ‘पंगा’ जैसे शराब व हिंसा को दर्शाने वाले गाने गाने से रोक दिया था। दिलजीत ने इसके जवाब में मंच से तंज कसते हुए कहा था कि अगर सरकारें शराब की दुकानें बंद कर दें, तो वे शराब पर गाने बनाना बंद कर देंगे। दिसंबर 2024 में देश के विभिन्न स्टेडियमों में प्रशंसकों को हुई असुविधा, भगदड़ और खराब वॉशरूम व्यवस्था को देखकर दिलजीत ने सार्वजनिक मंच से भारत के लाइव इवेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर पर निराशा व्यक्त की थी। उनका कहना था कि भारतीय दर्शक अंतरराष्ट्रीय स्तर का टिकट मूल्य चुकाते हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुरक्षा और सुविधाएं नहीं मिलतीं। दिल्ली पुलिस द्वारा अब 2,000 निजी गार्ड्स और नो-कार जोन की शर्त लगाना उसी दिशा में उठाया गया एक सख्त कदम माना जा रहा है।
दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट को मिली अंतिम मंजूरी इस बात का प्रमाण है कि संवाद और पूर्व-तैयारी से किसी भी बड़े आयोजन के गतिरोध को सुलझाया जा सकता है। एक ओर जहां दिल्ली पुलिस का यह कर्तव्य है कि वह त्योहारी मौसम में राजधानी के आम नागरिकों की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करे, वहीं दूसरी ओर कला, संगीत और युवा ऊर्जा के ऐसे विशाल आयोजनों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना भी एक वैश्विक महानगर के रूप में दिल्ली की प्रतिष्ठा से जुड़ा है।
बुकमायशो लाइव द्वारा 2,000 निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और कड़े ट्रैफिक नियमों को स्वीकार करना यह दर्शाता है कि भारत में लाइव इवेंट उद्योग अब केवल टिकट बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षा और दर्शक-अनुभव की जिम्मेदारी उठाने के लिए परिपक्व हो रहा है।
30 अक्टूबर की शाम जब जेएलएन स्टेडियम की दूधिया रोशनी में दिलजीत दोसांझ अपने सिग्नेचर अंदाज में “पंजाबी आ गए ओए!” की दहाड़ लगाएंगे, तो वह केवल 50,000 प्रशंसकों के मनोरंजन का क्षण नहीं होगा, बल्कि यह इस बात की भी परीक्षा होगी कि क्या दिल्ली का प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र इतने बड़े सांस्कृतिक समागम को बिना किसी अप्रिय घटना के ऐतिहासिक सफलता में बदल पाता है।

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