तमिलनाडु में ‘विजय’ का राजतिलक: टीवीके-कांग्रेस गठबंधन और सरकार गठन की प्रक्रिया
राजभवन में 'थलापति': सरकार बनाने का दावा

6 मई, 2026 की शाम चेन्नई के राजभवन से लेकर दिल्ली के 10 जनपथ तक की राजनीतिक हलचल ने तमिलनाडु के भविष्य की नई इबारत लिख दी है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी, तमिलगा वेट्री कझगम (TVK), ने अपनी पहली ही चुनावी परीक्षा में 234 में से 108 सीटें जीतकर द्रविड़ किलों को ध्वस्त कर दिया। अब, कांग्रेस के समर्थन और गठबंधन की राजनीति के साथ, विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बेहद करीब हैं।
बुधवार दोपहर 3:15 बजे, विजय ने चेन्नई स्थित राजभवन (लोक भवन) में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की।आधे घंटे से अधिक चली इस बैठक में विजय ने राज्यपाल को चुनाव परिणामों की आधिकारिक जानकारी दी और सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। विजय ने वर्तमान में 112 विधायकों के हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र सौंपा है (जिसमें 108 टीवीके के और 5 कांग्रेस के शामिल हैं, हालांकि विजय के दो सीटों से जीतने के कारण तकनीकी रूप से संख्या 112 के करीब है)। राज्यपाल अर्लेकर ने संवैधानिक नियमों का हवाला देते हुए विजय से कहा है कि वे बहुमत के लिए आवश्यक 118 विधायकों का लिखित समर्थन जुटाएं। चूंकि विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं, इसलिए सरकार बनाने के लिए 118 का आंकड़ा अनिवार्य है।
टीवीके के पास बहुमत के लिए 10 सीटों की कमी थी, जिसे पूरा करने में कांग्रेस ने निर्णायक भूमिका निभाई है। विजय ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक औपचारिक पत्र लिखकर “धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील” सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा था। दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद, कांग्रेस ने टीवीके को “सशर्त समर्थन” देने का फैसला किया।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उसका समर्थन इस शर्त पर है कि टीवीके किसी भी “सांप्रदायिक ताकत” (भाजपा या उसके सहयोगियों) को गठबंधन में शामिल नहीं करेगी। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के नेताओं ने विजय से मिलकर “कामराज के गौरवशाली दिनों” और “पेरियार के सामाजिक न्याय” को वापस लाने का संकल्प दोहराया।
| पार्टी | सीटें (2026) | भूमिका |
| TVK (विजय) | 108 | सबसे बड़ी पार्टी (मुख्यमंत्री पद) |
| INC (कांग्रेस) | 05 | गठबंधन सहयोगी (समर्थन पत्र सौंपा) |
| VCK (थोल थिरुमावलवन) | 02 | संभावित सहयोगी (बातचीत जारी) |
| CPI(M) | 02 | संभावित सहयोगी |
| कुल (संभावित गठबंधन) | 117-120 | बहुमत (118) के पार |
विजय की पार्टी ने VCK और वामपंथी दलों से भी संपर्क साधा है, जो पहले DMK गठबंधन का हिस्सा थे। 21 मई को फालता (बंगाल) के साथ-साथ तमिलनाडु की कुछ सीटों पर होने वाले संभावित घटनाक्रमों के बीच, विजय 8 मई तक शपथ ले सकते हैं।
स्टालिन (DMK) और पलानीस्वामी (AIADMK) जैसे दिग्गजों के बीच विजय का 108 सीटें जीतना यह दर्शाता है कि राज्य की जनता ‘तीसरे विकल्प’ के लिए तैयार थी। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का अपनी सीट कोलाथुर से हारना इस चुनाव का सबसे बड़ा ‘सिस्मिक शिफ्ट’ (Seismic Shift) माना जा रहा है। विजय के ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ और ‘द्रविड़ पहचान’ के मिश्रण ने युवाओं और महिलाओं के बीच एक नया वोट बैंक तैयार किया है।
विजय के लिए सरकार बनाना पहली सीढ़ी है, लेकिन उसे चलाना असली चुनौती होगी विजय और उनके अधिकांश विधायक पहली बार सदन में बैठेंगे। उन्हें DMK और AIADMK जैसे अनुभवी विपक्ष का सामना करना होगा। कांग्रेस और अन्य छोटे दल मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण पदों की मांग कर सकते हैं। भाजपा ने राज्य में केवल 1 सीट जीती है, लेकिन वह विपक्षी दलों में फूट डालकर या कानूनी अड़चनें पैदा कर विजय की राह मुश्किल करने की कोशिश कर सकती है।
तमिलनाडु अब एक गठबंधन युग में प्रवेश कर चुका है। विजय ने राज्यपाल के सामने अपना दावा पेश कर और कांग्रेस का समर्थन हासिल कर यह साबित कर दिया है कि वे केवल पर्दे के ‘थलापति’ नहीं, बल्कि राजनीति के चतुर खिलाड़ी भी हैं। यदि वे अगले 48 घंटों में 118 का जादुई आंकड़ा आधिकारिक रूप से प्रस्तुत कर देते हैं, तो 8 मई को तमिलनाडु एक नए मुख्यमंत्री का स्वागत करेगा, जो द्रविड़ राजनीति की परिभाषा को हमेशा के लिए बदल सकता है।



