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उत्तर प्रदेश में विकास और सुशासन का महा-अभियान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत और मुरादाबाद को दी ₹934 करोड़ से अधिक के 129 विकास कार्यों की सौगात

बरखेड़ा और बीसलपुर को ₹569 करोड़ के 66 प्रोजेक्ट्स

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक शुचिता, ढांचागत सुदृढ़ीकरण और समावेशी क्षेत्रीय आर्थिक समृद्धि को एक नई और कड़क गति प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विकास और लोक कल्याण (Development & Public Welfare) के संकल्प को दोहराया है। मुख्यमंत्री ने पीलीभीत और मुरादाबाद जिलों के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों, नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत आने वाली ₹934 करोड़ से अधिक की कुल लागत वाली 129 विकास परियोजनाओं (129 Development Projects) का भव्य लोकार्पण और शिलान्यास किया।

पीलीभीत जिले के ग्रामीण और अर्ध-शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत और ‘लूपहोल-मुक्त’ (Airtight) सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा वित्तीय निवेश किया है बरखेड़ा और बीसलपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹569 करोड़ से अधिक की लागत वाली 66 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण संपन्न हुआ। इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से ग्रामीण संपर्क मार्ग (Rural Connectivity), सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति ग्रिड, सिंचाई प्रणालियों का आधुनिकीकरण और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक नागरिक अवसंरचना का विस्तार शामिल है।

पीतल नगरी मुरादाबाद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित शहरी नियोजन (Safe Urban Planning) को अपग्रेड करने के लिए मुख्यमंत्री ने बहु-स्तरीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास किया मुरादाबाद नगर, मुरादाबाद देहात और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए कुल ₹365 करोड़ से अधिक मूल्य की 63 विकास परियोजनाओं को लॉन्च किया गया। इन परियोजनाओं को मुरादाबाद नगर निगम (Municipal Corporation) और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) के तकनीकी समन्वय के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा, जिसका प्राथमिक लक्ष्य शहरी जल निकासी प्रणालियों, स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग, ठोस कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक पार्कों का सौंदर्यीकरण करना है।

July 2026 का यह समकालीन कालखंड भारत के समष्टि आर्थिक, कूटनीतिक और प्रशासनिक सुशासन के एक अत्यंत मजबूत और कड़े दौर को प्रमाणित कर रहा है। सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) के हालिया आधिकारिक आंकड़ों में देश की अर्थव्यवस्था जहाँ 7.7% की सुदृढ़ और अदम्य वार्षिक जीडीपी वृद्धि दर के साथ वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच अपनी वित्तीय संप्रभुता साबित कर रही है, देश का रक्षा विनिर्माण उत्पादन सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच चुका है, और हाल ही में केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप के प्राइवेसी फीचर्स पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर कड़ा विनियामक नियंत्रण (Regulatory Control) लगाया है वहीं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जिला स्तर पर इस प्रकार का सघन और त्वरित वित्तीय पूंजी निवेश यह सिद्ध करता है कि भारत के सबसे बड़े राज्य का प्रशासनिक सुशासन अपने नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और आंतरिक बुनियादी ढांचे को पूरी कड़ाई से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।

“सच्चे सुशासन का वास्तविक और विधिक पैमाना केवल कागजों पर बजट आवंटित करना नहीं है, बल्कि एक ऐसी उत्तरदायी, पारदर्शी और पारदर्शी समयबद्ध कार्यप्रणाली का धरातल पर निर्माण करना है, जहाँ शिलान्यास से लेकर लोकार्पण तक की पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार-मुक्त और गतिमान रहे। उत्तर प्रदेश का यह विकास मॉडल इसी संप्रभुता का जीवंत प्रतीक है।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पीलीभीत और मुरादाबाद में ₹934 करोड़ से अधिक की इन विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन राज्य की ‘इज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) नीति को ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। मुरादाबाद जैसे औद्योगिक और निर्यात-उन्मुख केंद्रों और पीलीभीत जैसे कृषि-प्रधान क्षेत्रों में एक साथ बुनियादी ढांचे का यह डिजिटल और भौतिक अपग्रेडेशन क्षेत्रीय असंतुलन को समाप्त करने में कड़ा संबल प्रदान करेगा।

आने वाले समय में नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों का यह अभेद्य और चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला विनियामक चक्र यह सुनिश्चित करेगा कि उत्तर प्रदेश का आंतरिक सुशासन, जनसुरक्षा, आर्थिक संप्रभुता और लोक कल्याण का विज़न सदैव सर्वोच्च, विश्वसनीय और अदम्य बना रहे।

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