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IPL में युवराज सिंह की धमाकेदार वापसी: IPL 2027 के लिए दिल्ली कैपिटल्स के सहायक और बल्लेबाजी कोच नियुक्त

11 साल बाद फ्रेंचाइजी में लौटे सिक्सर किंग; 'दादा' सौरव गांगुली के साथ डगआउट में सजेगी ऐतिहासिक जोड़ी

भारतीय क्रिकेट के महानतम मैच-विनर्स में शुमार और दो बार के आईसीसी विश्व कप विजेता (2007 टी20 विश्व कप व 2011 वनडे विश्व कप) युवराज सिंह (Yuvraj Singh) एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के जगमगाते मंच पर वापसी कर रहे हैं। जेएसडब्ल्यू (JSW) और जीएमआर (GMR) के सह-स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals – DC) ने मंगलवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए 44 वर्षीय पूर्व भारतीय ऑलराउंडर को आगामी IPL 2027 सीजन के लिए टीम का सहायक कोच (Assistant Coach) और मुख्य बल्लेबाजी कोच (Batting Coach) नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति युवराज सिंह के पेशेवर क्रिकेट करियर का पहला औपचारिक कोचिंग पद (First Formal Coaching Assignment) है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास लेने के बाद कई उभरते और स्थापित भारतीय क्रिकेटरों को व्यक्तिगत रूप से मेंटर करने वाले युवराज अब पहली बार किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी के आधिकारिक कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बनकर डगआउट में रणनीतिक कमान संभालेंगे।
इस बहुप्रतीक्षित नियुक्ति ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच पुरानी यादों को भी ताजा कर दिया है, क्योंकि युवराज सिंह दिल्ली कैपिटल्स के डगआउट में अपने पूर्व राष्ट्रीय कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के साथ फिर से एक टीम के रूप में नजर आएंगे। गांगुली, जिन्होंने हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच (Head Coach) का पदभार संभाला है, अब अपने सबसे भरोसेमंद ‘शिष्य’ युवराज सिंह के साथ मिलकर फ्रेंचाइजी के पहले आईपीएल खिताब के 19 साल लंबे सूखे को समाप्त करने का महा-अभियान शुरू करेंगे।
युवराज सिंह का दिल्ली फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ाव बेहद खास और ऐतिहासिक रहा है। 2015 की आईपीएल नीलामी में दिल्ली फ्रेंचाइजी (तत्कालीन दिल्ली डेयरडेविल्स) ने युवराज सिंह को ₹16 करोड़ की रिकॉर्ड बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया था। उस समय युवराज आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। उन्होंने 2015 के पूरे सीजन में दिल्ली के लिए सभी 14 मुकाबले खेले थे।
अपनी नई भूमिका पर खुशी व्यक्त करते हुए युवराज सिंह ने कहा:
“दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपने जीवन का एक नया अध्याय शुरू करने को लेकर मैं बेहद रोमांचित हूं। इस फ्रेंचाइजी के साथ मेरा पुराना रिश्ता रहा है और मैं इसके मालिकों को वर्षों से बहुत अच्छी तरह जानता हूं, जो इसे मेरे लिए एक बेहद खास अवसर बनाता है।
सबसे खास बात यह है कि मुझे एक बार फिर ‘दादा’ (सौरव गांगुली) के साथ जुड़ने का मौका मिल रहा है—इस बार एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि कोच के रूप में!
कोचिंग एक ऐसी चीज है जिसके प्रति मैं हमेशा से बेहद जुनूनी रहा हूं। मैं दिल्ली कैपिटल्स की इस प्रतिभाशाली टीम के साथ काम शुरू करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि यह मेरे लिए एक रोमांचक यात्रा होगी और मैं टीम की सफलता में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए उत्सुक हूं।”
दिल्ली कैपिटल्स के चेयरमैन, सह-मालिक और जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के संस्थापक पार्थ जिंदल ने युवराज का स्वागत करते हुए कहा:
“हम दिल्ली कैपिटल्स परिवार में ‘युवी’ का स्वागत करते हुए बेहद उत्साहित हैं। युवी भारतीय क्रिकेट के सबसे महान मैच-विनर्स में से एक हैं और उन्होंने हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेट की कई बेहतरीन युवा प्रतिभाओं को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका विशाल अनुभव, कभी न हार मानने वाली विजेता मानसिकता और युवा खिलाड़ियों के साथ गहराई से जुड़ने की उनकी स्वाभाविक क्षमता हमारे दल के लिए अमूल्य साबित होगी। हम उन्हें उनकी पहली औपचारिक कोचिंग भूमिका के लिए शुभकामनाएं देते हैं।”
सौरव गांगुली ही वह कप्तान थे जिन्होंने युवराज सिंह की प्रतिभा को सबसे पहले पहचाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबी मोहलत दी। जब युवराज शुरुआती दिनों में फॉर्म से जूझ रहे थे, तब गांगुली ने चयनकर्ताओं के सामने डटकर उनका बचाव किया था। 2002 की ऐतिहासिक नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल जीत, जहां युवराज सिंह (69 रन) और मोहम्मद कैफ ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया था, गांगुली की उस ‘न्यू इंडिया’ टीम का प्रतीक बन गई थी। अब वही आक्रामक, बेखौफ और विपक्षी टीम की आंखों में आंखें डालकर खेलने वाला डीएनए दिल्ली कैपिटल्स की रणनीति की रीढ़ बनेगा। दिल्ली कैपिटल्स ने युवराज की नियुक्ति की घोषणा एक विशेष वीडियो के साथ की, जिसमें गांगुली और युवराज के ऐतिहासिक पलों, उनके साहस, नेतृत्व और ‘बाघ के जज्बे’ (Spirit of a Tiger) को रेखांकित किया गया।
सनराइजर्स हैदराबाद के विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा ने आईपीएल 2024 और उसके बाद भारतीय टी20 टीम में जो तहलका मचाया, उसका पूरा श्रेय वे सार्वजनिक रूप से युवराज सिंह को देते हैं। युवराज ने अभिषेक के बैट-स्विंग, बैकलिफ्ट और बैकफुट पंच पर तकनीकी काम किया था। युवराज की इसी कोचिंग पद्धति की बदौलत अभिषेक आज देश के सबसे खतरनाक टी20 पॉवर-हिटर बनकर उभरे हैं।
भारतीय टेस्ट व वनडे टीम के प्रमुख स्तंभ शुभमन गिल भी युवराज सिंह को अपना क्रिकेटिंग मेंटर मानते हैं। घरेलू स्तर पर पंजाब के विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह और ऑलराउंडर सनवीर सिंह को भी युवराज ने व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षित किया है। अब दिल्ली कैपिटल्स को युवराज के उसी सिद्ध कोचिंग मॉडल का सीधा संस्थागत लाभ मिलेगा।
आईपीएल इतिहास में दिल्ली कैपिटल्स (पूर्व में दिल्ली डेयरडेविल्स) उन तीन मूल फ्रेंचाइजियों (पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ) में शामिल है जो 2008 से अब तक एक बार भी आईपीएल ट्रॉफी नहीं जीत सकी हैं।
आईपीएल के नए नियमों और मेगा ऑक्शन के बाद वही टीमें सफल होती हैं जिनका भारतीय अनकैप्ड और कैप्ड टैलेंट बेहतर प्रदर्शन करता है। विदेशी कोचों (जैसे पूर्व में रिकी पोंटिंग) के साथ कई युवा भारतीय खिलाड़ी संवाद करने में संकोच करते थे। युवराज सिंह की भारतीय घरेलू क्रिकेट की जमीनी समझ और उनका दोस्ताना स्वभाव युवा खिलाड़ियों के लिए एक सहज माहौल तैयार करेगा।
युवराज सिंह के नाम टी20 विश्व कप 2007 में स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़ने और मात्र 12 गेंदों में सबसे तेज अर्धशतक बनाने का अटूट रिकॉर्ड है। वे बल्लेबाजों को सिर्फ गेंद को जोर से मारना (Muscling the ball) नहीं सिखाते, बल्कि शरीर के संतुलन (Base), सिर की स्थिरता (Head position) और फ्लो (Bat Swing) के जरिए टाइमिंग से छक्के लगाना सिखाते हैं। यह हुनर दिल्ली के युवा बल्लेबाजों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
युवराज ने आईपीएल में 129.71 के स्ट्राइक रेट से 2,750 रन बनाए, जिसमें 13 अर्धशतक और 149 गगनचुंबी छक्के शामिल हैं। युवराज सिंह आईपीएल इतिहास के उन गिने-चुने गेंदबाजों में शामिल हैं जिन्होंने एक ही सीजन (आईपीएल 2009 में पंजाब के लिए खेलते हुए) दो अलग-अलग मैचों में हैट्रिक ली थी पहली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ और दूसरी डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ। युवराज ने न केवल खेल खेला, बल्कि सनराइजर्स हैदराबाद (2016) और मुंबई इंडियंस (2019) जैसी चैम्पियन संस्कृतियों के ड्रेसिंग रूम को भीतर से देखा और महसूस किया है। वे जानते हैं कि एक टीम को विजेता बनाने के लिए मैदान के बाहर क्या माहौल चाहिए।
युवराज सिंह की इस बहुचर्चित नियुक्ति पर पूर्व क्रिकेटरों, कमेंटेटरों और खेल विश्लेषकों ने अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं “युवराज सिंह का दिल्ली कैपिटल्स में आना आगामी आईपीएल के सबसे बड़े मास्टरस्ट्रोक्स में से एक है। हमने देखा है कि उन्होंने अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल के साथ क्या किया। दिल्ली के पास हमेशा से युवा टैलेंट रहा है, लेकिन उन्हें एक ऐसे मेंटर की जरूरत थी जो उन्हें सिखा सके कि बड़े मैचों में दबाव को छक्कों में कैसे बदला जाए। युवी से बेहतर यह कोई नहीं सिखा सकता।”
सुरेश रैना (पूर्व भारतीय साथी): “मेरे भाई युवी पाजी को दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग स्टाफ में देखकर बेहद खुशी हो रही है। और जब डगआउट में दादा और युवी एक साथ बैठेंगे, तो विपक्षी कप्तानों के लिए रणनीतिक दबाव दोगुना हो जाएगा। दिल्ली के लिए यह एक शानदार शुरुआत है।”
प्रशंसकों में उत्साह: सोशल मीडिया पर दिल्ली कैपिटल्स के प्रशंसकों ने इस खबर का जश्न मनाया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर #YuvrajSingh और #DelhiCapitals कई घंटों तक शीर्ष ट्रेंड्स में बने रहे।
आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स द्वारा युवराज सिंह को सहायक और बल्लेबाजी कोच नियुक्त करना केवल एक हाई-प्रोफाइल नाम जोड़ने का पीआर स्टंट नहीं है, बल्कि यह फ्रेंचाइजी की उस सोची-समझी खेल नीति का हिस्सा है जिसके केंद्र में आधुनिक टी20 क्रिकेट की आक्रामकता और भारतीय प्रतिभाओं का विकास है।
सौरव गांगुली का रणनीतिक दिमाग और युवराज सिंह का निडर, मैच-विनिंग जज्बा जब ये दोनों शक्तियां दिल्ली कैपिटल्स के डगआउट में एक साथ काम करेंगी, तो यह न केवल टीम के युवा बल्लेबाजों को निखारेगा, बल्कि ड्रेसिंग रूम में उस चैम्पियन मानसिकता का संचार करेगा जिसकी तलाश दिल्ली को पिछले 19 वर्षों से है।
कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को हराकर विश्व कप जिताने वाले और मैदान पर असंभव को संभव बनाने वाले युवराज सिंह जब कोटला के नेट्स में दिल्ली के युवा बल्लेबाजों को बल्ला थामना और छक्के जड़ना सिखाएंगे, तो यह दृश्य हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के दिल को सुकून देगा। अब पूरी क्रिकेट दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि ‘गुरु’ युवराज सिंह और ‘कप्तान’ सौरव गांगुली की यह जादुई जोड़ी दिल्ली कैपिटल्स को पहली बार आईपीएल ट्रॉफी के सिंहासन पर बैठाने में कितनी सफल होती है।

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