
उत्तर प्रदेश के विधानसभा 2027 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सभी राजनीतिक दलों ने सियासी दांव चलना शुरू कर दिया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के सियासी नक्शे में सहारनपुर जिला हमेशा से निर्णायक माना जाता रहा है। 7 विधानसभा सीटों वाले इस जिले में मुस्लिम-दलित और गुर्जर-सैनी वोट बैंक हर बार चुनाव का रुख तय करता है।
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां 5 सीटें जीतकर सबको चौंकाया था, जबकि सपा को दो सीटों से संतोष करना पड़ा था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला गन्ना बेल्ट के साथ देवबंद जैसे इस्लामिक सेंटर के लिए मशहूर है। यहां मुस्लिम आबादी अधिक होने के बावजूद भाजपा ने पिछले चुनाव में सहारनपुर नगर, नुकड़, देवबंद, रामपुर मनिहारन और गंगोह विधानसभा सीट से जीती थी। सपा को सिर्फ बेहट और सहारनपुर देहात से संतोष करना पड़ा था।
सहारनपुर नगर सीट भाजपा की झोली में गई थी। भाजपा से राजीव गुंबर ने 7,434 वोटों से सपा उम्मीदवार संजय गर्ग को मात दी थी। राजीव गुंबर को 143,195, सपा संजय गर्ग को 135,761 और बसपा मनीष अरोरा को 8,776 वोट मिले थे। इस सीट पर 66.8 फीसदी मतदान हुआ था।
सहारनपुर देहात विधानसभा सीट से 2022 में समाजवादी पार्टी से आशु मलिक विधायक हैं। आशु मलिक ने 107,007 वोट पाकर भाजपा उम्मीदवार को 30 हजार से अधिक वोटों से हराया था। बसपा उम्मीदवार अजब सिंह चौधरी को 62,637 और एआईएमआईएम उम्मीदवार मार्गूब हसन को 8,187 वोट मिले थे। इस सीट पर 72.27 फीसदी मतदान हुआ था।
2008 में आई बेहट विधानसभा सीट से 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार 134,513 वोट पाकर विधायक बने थे। वहीं, भाजपा उम्मीदवार नरेश सैनी 96,633 वोट पाकर दूसरे स्थान और बसपा उम्मीदवार रईस मलिक को 45,075 वोट मिले थे।
नुकड़ विधानसभा सीट पर भाजपा ने 2022 के चुनाव में कब्जा जमाया था। भाजपा उम्मीदवार मुकेश चौधरी ने सपा उम्मीदवार धर्मसिंह सैनी को सिर्फ 315 वोटों से हराया था। मुकेश चौधरी को 104,114 और धर्म सिंह सैनी को 103,799 वोट मिले थे। बसपा उम्मीदवार साहिल खान को 55,112 और एआईएमआईएम के रिजवाना अली को 3,593 वोट मिले।
इस सीट पर 76.1 फीसदी मतदान हुआ था। मुस्लिम बाहुल्य देवबंद विधानसभा सीट से दो बार से भाजपा जीतती आ रही है। भाजपा से बृजेश सिंह 2017 और 2022 में जीते थे। 2022 में बृजेश सिंह को 93,890, सपा उम्मीदवार कार्तिकेय राणा को 86,786, बसपा उम्मीदवार चौधरी राजेंद्र सिंह को 52,732 और एआईएमआईएम उम्मीदवार मौलाना उमैर मदानी को 3,501 वोट मिले थे।
इस सीट पर 69.41 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया था। रामपुर मनिहारन विधानसभा 2008 में अस्तित्व में आई थी। अब तक तीन बार हुए चुनाव में दो बार भाजपा और एक बार बसपा ने जीत हासिल की है। 2017 और 2022 में भाजपा उम्मीदवार देवेंद्र कुमार निम ने जीत हासिल की थी।
2022 में देवेंद्र कुमार निम को 89,109, बसपा उम्मीदवार रविंदर कुमार मोलहू को 68,516, रालोद उम्मीदवार विवेक कांत को 64,864 और एएसपी (केआर) उम्मीदवार बृजपाल सिंह को 4,606 वोट मिले थे। गंगोह विधानसभा क्षेत्र में अब तक 4 बार चुनाव हुए हैं। इनमें एक बार उपचुनाव शामिल है। 2017 विधानसभा चुनाव, 2019 उपचुनाव और 2022 चुनाव में भाजपा का यहां से परचम लहराया है। 2019 से लगातार भाजपा से किरत सिंह विधायक हैं।
2022 में किरत सिंह ने 5,419 वोटों से कांग्रेस उम्मीदवार नौमान मसूद को हराया था। किरत सिंह को 68,300, नौमान मसूद को 62,881, सपा उम्मीदवार चौधरी इंदरसेन को 57,374 और बसपा उम्मीदवार मोहम्मद इरशाद को 32,276 वोट मिले थे। इस सीट पर 60.69 फीसदी मतदान हुआ था।



