व्हाइट हाउस में संकट: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 36% के ऐतिहासिक निचले स्तर पर ईरान युद्ध और आसमान छूती महंगाई का गहरा असर
ईरान युद्ध: "अंतहीन युद्धों" के खिलाफ अमेरिकी जनमत
25 मार्च, 2026 को जारी रॉयटर्स/इप्सोस (Reuters/Ipsos) के नवीनतम जनमत सर्वेक्षण ने वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता (Approval Rating) गिरकर महज 36% रह गई है। 2024 के चुनाव में ऐतिहासिक वापसी के बाद से यह उनकी अब तक की सबसे खराब रेटिंग है। यह गिरावट केवल एक सांख्यिकीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी जनता के गहरे असंतोष, युद्ध की आशंका और आर्थिक असुरक्षा का प्रतिबिंब है।
जब डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में दोबारा पदभार संभाला था, तब उनकी रेटिंग 48-50% के आसपास थी। लेकिन पिछले 14 महीनों में वैश्विक परिस्थितियों और उनके कड़े फैसलों ने जनमत को उनके खिलाफ कर दिया है। 36% की रेटिंग की तुलना रिचर्ड निक्सन (वाटरगेट के दौरान) या जिमी कार्टर (ईरान बंधक संकट के दौरान) की रेटिंग से की जा रही है। चिंताजनक बात यह है कि न केवल निर्दलीय (Independents) मतदाता, बल्कि रिपब्लिकन पार्टी के आधार (Base) का एक छोटा हिस्सा भी अब उनके “युद्ध समर्थक” रुख से पीछे हट रहा है। वर्तमान में 58% अमेरिकी उनके कामकाज से असंतुष्ट हैं, जो प्रशासन के लिए एक गंभीर खतरे की घंटी है।
राष्ट्रपति ट्रंप की लोकप्रियता गिरने का सबसे प्राथमिक और तात्कालिक कारण ईरान के साथ सैन्य संघर्ष है। ट्रंप ने ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा के नाम पर ईरान की मिसाइल साइटों पर हमले का आदेश दिया। हालांकि उन्होंने इसे “रक्षात्मक” बताया, लेकिन अमेरिकी जनता इसे एक “पूर्ण युद्ध” (Full-scale War) की शुरुआत के रूप में देख रही है।सर्वेक्षण के अनुसार, 65% अमेरिकी इन हवाई हमलों का विरोध कर रहे हैं। वे अफगानिस्तान और इराक जैसे “अंतहीन युद्धों” (Endless Wars) की कड़वी यादों को फिर से नहीं जीना चाहते। ट्रंप के कई समर्थकों ने उन्हें इसलिए चुना था क्योंकि उन्होंने “अमेरिका फर्स्ट” और विदेशी युद्धों से बाहर निकलने का वादा किया था। अब वही समर्थक उन्हें एक और बड़े युद्ध की ओर बढ़ते देख ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
अमेरिका में राष्ट्रपति की लोकप्रियता का सीधा संबंध गैसोलीन (गैस) की कीमतों से होता है। ईरान के साथ तनाव और तेल आपूर्ति में व्यवधान के कारण अमेरिका में गैस की औसत कीमत $6.50 प्रति गैलन को पार कर गई है। कुछ राज्यों में यह $8 तक पहुँच गई है।महंगा ईंधन मतलब महंगा परिवहन। इसके कारण सुपरमार्केट में दूध, ब्रेड और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी 15-20% बढ़ गई हैं। रॉयटर्स के पोल में 72% उत्तरदाताओं ने ईंधन की बढ़ती कीमतों को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया और इसके लिए सीधे तौर पर प्रशासन की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप ने अपने अभियान के दौरान “महंगाई खत्म करने” का वादा किया था, लेकिन 2026 की हकीकत इसके उलट है। फेडरल रिजर्व के प्रयासों के बावजूद महंगाई दर 7% के ऊपर बनी हुई है। ब्याज दरें (Interest Rates) उच्च स्तर पर होने के कारण आम अमेरिकियों के लिए घर खरीदना या किराया देना दूभर हो गया है। केवल 31% अमेरिकियों को लगता है कि ट्रंप अर्थव्यवस्था को सही दिशा में ले जा रहे हैं। मध्यवर्गीय परिवारों का मानना है कि ‘ट्रंपनॉमिक्स’ (Trumponomics) केवल कॉर्पोरेट जगत को लाभ पहुँचा रही है, जबकि आम नागरिक ‘लिविंग कॉस्ट’ के नीचे दब रहा है।
| मुद्दा | अनुमोदन (Approval) | अस्वीकृति (Disapproval) |
| समग्र प्रदर्शन | 36% | 58% |
| ईरान के विरुद्ध युद्ध | 29% | 65% |
| महंगाई और गैस की कीमतें | 24% | 71% |
| रिपब्लिकन समर्थकों के बीच | 74% | 21% |
| निर्दलीय मतदाताओं के बीच | 18% | 77% |
यह गिरती रेटिंग नवंबर 2026 में होने वाले कांग्रेस के चुनावों (Mid-terms) के लिए रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक विनाशकारी संकेत हो सकती है। विपक्षी दल पहले ही “महंगाई और युद्ध” को अपना मुख्य मुद्दा बना चुका है। यदि ट्रंप की रेटिंग 40% से नीचे बनी रहती है, तो रिपब्लिकन पार्टी सदन (House) और सीनेट (Senate) दोनों में अपना बहुमत खो सकती है। सूत्रों के अनुसार, व्हाइट हाउस अब ईंधन की कीमतों को कम करने के लिए “रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व” (SPR) से और तेल निकालने और कूटनीतिक रास्तों को फिर से खोलने पर विचार कर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप का राष्ट्रपति काल एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। 36% की रेटिंग यह दर्शाती है कि “राष्ट्रवाद” और “कड़े फैसलों” की चमक अब आर्थिक वास्तविकता के सामने फीकी पड़ रही है। अमेरिकी जनता शांति और सस्ती रोटी चाहती है, न कि मध्य-पूर्व में एक और खूनी संघर्ष।



