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वंतारा यूनिवर्सिटी: वन्यजीव संरक्षण और पशु चिकित्सा विज्ञान में एक वैश्विक क्रांति

#AnantSeva: समावेशी शिक्षा और छात्रवृत्ति

10 अप्रैल, 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने अपने 31वें जन्मदिन के अवसर पर जामनगर, गुजरात में ‘वंतारा यूनिवर्सिटी’ (Vantara University) की आधारशिला रखकर एक नए युग की शुरुआत की है। यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण, उन्नत पशु चिकित्सा और करुणा-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया का पहला एकीकृत वैश्विक विश्वविद्यालय है। जामनगर के 3,500 एकड़ में फैले ‘वंतारा’ (वन का तारा) इकोसिस्टम के भीतर स्थापित यह विश्वविद्यालय भारत को वैश्विक वाइल्डलाइफ एजुकेशन के नक्शे पर एक ‘नॉलेज हब’ के रूप में स्थापित करने के लिए तैयार है।

वंतारा यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखने का तरीका आधुनिक विज्ञान और प्राचीन भारतीय परंपराओं का एक अद्भुत मेल था।शिलान्यास के दौरान मिट्टी, जल और पत्थर का एक औपचारिक मिश्रण तैयार किया गया। ये तत्व भारत के विभिन्न जैव-विविधता वाले क्षेत्रों (जैसे हिमालय, पश्चिमी घाट, गंगा के मैदान और रेगिस्तानी इलाकों) से मंगाए गए थे। यह इस बात का प्रतीक है कि यह विश्वविद्यालय संपूर्ण भारत की प्राकृतिक विरासत पर आधारित है।

शिलान्यास स्थल के डिजाइन में ‘विंध्य संरचना’ से प्राप्त बिजोलिया सैंडस्टोन (Bijoliya Sandstone) के दो खंड शामिल किए गए। ऐतिहासिक रूप से, इसी तरह के पत्थरों का संबंध प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय (बिहार) की भौगोलिक संरचना से रहा है, जो ज्ञान की अटूट भारतीय परंपरा को दर्शाता है। समारोह में शिक्षा जगत, विज्ञान, संरक्षण और सार्वजनिक जीवन से जुड़े दिग्गजों के साथ-साथ अनंत अंबानी के शिक्षकों और गुरुओं ने भी हिस्सा लिया।

अनंत अंबानी ने इस विश्वविद्यालय को एक ‘आधुनिक गुरुकुल’ के रूप में परिभाषित किया है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र “आ नो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वत:” (अर्थात् ‘सभी दिशाओं से हमें कल्याणकारी विचार प्राप्त हों’) का उल्लेख करते हुए कहा कि वंतारा यूनिवर्सिटी का विजन प्राचीन नालंदा की तरह ही व्यापक और समावेशी होगा। अनंत अंबानी ने साझा किया कि यह विश्वविद्यालय उनके बचपन के उन अनुभवों की परिणति है, जहाँ उन्होंने जानवरों को संकट में देखा और महसूस किया कि भारत में उनके उपचार और पुनर्वास के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचे की कमी है।

यह विश्वविद्यालय दुनिया का पहला संस्थान है जहाँ In-situ (प्राकृतिक आवास में संरक्षण) और Ex-situ (संरक्षण केंद्रों में देखभाल) के बीच की खाई को पाटा जाएगा। यहाँ पेश किए जाने वाले प्रमुख कोर्सेज और विशेषज्ञताएं इस प्रकार हैं:

श्रेणी (Category) कोर्सेज और विशेषज्ञता (Courses & Specialization)
चिकित्सा विज्ञान वन्यजीव औषधि और सर्जरी (Wildlife Medicine & Surgery), पशु पोषण (Nutrition), जेनेटिक्स और महामारी विज्ञान (Epidemiology)।
व्यवहार और देखभाल पशु व्यवहार विज्ञान (Behavioural Sciences), प्राकृतिक आवास डिजाइन (Habitat Design), पुनर्वनीकरण (Rewilding)।
नीति और प्रबंधन वन्यजीव संरक्षण नीति (Conservation Policy), वन प्रबंधन, ‘वन हेल्थ’ (One Health) अध्ययन।
डिग्री प्रोग्राम स्नातक (Undergraduate), स्नातकोत्तर (Postgraduate), फेलोशिप और विशेष लघु-अवधि प्रमाण पत्र।

वंतारा यूनिवर्सिटी का कैंपस आधुनिक तकनीक और प्रकृति का संगम होगा। यहाँ केवल क्लासरूम लर्निंग नहीं होगी। वंतारा में पहले से मौजूद हाथी अस्पताल (दुनिया का सबसे बड़ा), बिग कैट रेस्क्यू सेंटर और एकरियल (प्राणियों की नर्सरी) छात्रों के लिए वास्तविक फील्ड-ट्रेनिंग ग्राउंड का काम करेंगे।

विश्वविद्यालय ने दुनिया भर के प्रमुख संरक्षण संगठनों और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक और शोध साझेदारी की योजना बनाई है। कैंपस में अत्याधुनिक लैब, फॉरेंसिक इकाइयां और पशु निदान केंद्र होंगे, जो भारत में वाइल्डलाइफ क्राइम इन्वेस्टिगेशन और स्वास्थ्य निगरानी में मदद करेंगे।

अनंत अंबानी के विजन का एक मुख्य हिस्सा ‘समान अवसर’ है। विश्वविद्यालय ने उन छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति की घोषणा की है जो आर्थिक या सामाजिक रूप से पिछड़े पृष्ठभूमि से आते हैं लेकिन वन्यजीवों की सेवा के प्रति जुनूनी हैं। दुनिया भर के अग्रणी संरक्षणवादियों को ‘फाउंडिंग फेलोज’ के रूप में जोड़ा जाएगा ताकि छात्र सीधे उनके अनुभवों से सीख सकें।

यूनिवर्सिटी की नींव वंतारा के पिछले वर्षों की सफलता पर टिकी है वंतारा ने अब तक हाथियों, तेंदुओं, गैंडों और विभिन्न प्रजातियों के 1.5 लाख से अधिक जीवों का रेस्क्यू और पुनर्वास किया है। लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण और ब्रीडिंग प्रोग्राम में वंतारा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। जामनगर रिफाइनरी परिसर के भीतर का यह क्षेत्र अब दुनिया का सबसे बड़ा पशु सेवालय बन चुका है।

“वंतारा यूनिवर्सिटी” की स्थापना यह संदेश देती है कि 21वीं सदी में प्रगति का पैमाना केवल जीडीपी नहीं, बल्कि पृथ्वी की जैव-विविधता का संरक्षण भी होना चाहिए। अनंत अंबानी का यह उपहार न केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए है, बल्कि उन भविष्य के पेशेवरों के लिए भी है जो विज्ञान और करुणा के माध्यम से धरती के बेजुबान जीवों की आवाज बनेंगे।

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