राज्यशिक्षा

कड़ी मेहनत और निरंतर सीख ही सफलता की कुंजी,” दीक्षांत समारोह में बोले प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे

के. आर. मंगलम विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह में 1,842 डिग्रियाँ और 154 पदक प्रदान

गुरुग्राम: के. आर. मंगलम विश्वविद्यालय, गुरुग्राम ने रविवार, 22 मार्च 2026 को 7वां दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया, जिसमें 1,842 स्नातक विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया।

इस समारोह में मुख्य अतिथि माननीय राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) एवं राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच (NETF) के अध्यक्ष प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे जी उपस्थित रहे। उन्होंने दीक्षांत भाषण देते हुए विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

अपने संबोधन में प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे ने विद्यार्थियों को आजीवन शिक्षार्थी बनने और तेजी से बदलती दुनिया में स्वयं को निरंतर अपडेट रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने छात्रों को आत्म-प्रेरित रहने और विभिन्न रोजगार क्षेत्रों में उभरते अवसरों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत, जुनून और पूरे मन और मस्तिष्क से समर्पण आवश्यक है, और निरंतर प्रयास से सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है।

उन्होंने भारत की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के युवाओं पर यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वे अगले 30 वर्षों में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान दें तथा आने वाले 10 से 15 वर्षों में भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करें। उन्होंने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों का प्रभावी उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया। अंत में उन्होंने सभी स्नातक विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में 1.डॉ.ब्रजेश पांडे (कार्यकारी निदेशक, आईएनएसए)  2. प्रो. आर्किटेक्ट अभय विनायक पुरोहित (अध्यक्ष, वास्तुकला परिषद, भारत) उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय ने विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के अंतर्गत कुल 1,842 डिग्रियां प्रदान कीं, जिनमें 1,238 स्नातक, 474 स्नातकोत्तर, 67 डिप्लोमा और 63 पीएच.डी. डिग्रियां शामिल हैं। साथ ही, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 154 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिनमें 52 स्वर्ण, 51 रजत और 51 कांस्य पदक प्रदान किए गए।

स्नातक विद्यार्थियों में 775 छात्राएं और 1,067 छात्र शामिल रहे, जो विश्वविद्यालय के विविध और समावेशी शैक्षणिक वातावरण को दर्शाता है।

अपने प्रेरणादायी वीडियो संदेश में, लोकसभा के माननीय अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने के.आर. मंगलम विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर स्नातक विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आजीवन सीखने, जिम्मेदारी निभाने और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, नैतिक मूल्यों और सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए करें तथा अपने व्यावसायिक जीवन में सदैव ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का पालन करें। उनका संदेश इस बात का सशक्त स्मरण था कि आज का युवा ही कल के भारत का निर्माता है।

माननीय कुलाधिपति प्रोफेसर दिनेश सिंह ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को नए जीवन की शुरुआत आत्मविश्वास और दृढ़ता के साथ करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि केवल शैक्षणिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सफलता के लिए आवश्यक जीवन कौशल, मूल्य और गुण भी विकसित करने होंगे। उन्होंने छात्रों से अपने सफलता के मायने स्वयं तय करने और चुनौतियों का सामना सकारात्मकता और संकल्प के साथ करने का आह्वान किया।

माननीय प्रो-चांसलर श्री अभिषेक गुप्ता एवं माननीय निदेशक श्री रोहित गुप्ता ने भी स्नातक विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए पदक एवं डिग्रियाँ प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. रघुवीर सिंह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों, शैक्षणिक प्रगति तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पहलों को रेखांकित किया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में ईमानदार और  स्थिर रहने की सलाह दी तथा कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बदलते वैश्विक परिदृश्य के इस दौर में निरंतर सीखते रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डिग्री अंत नहीं, बल्कि नए ज्ञान की खोज की शुरुआत है। साथ ही उन्होंने छात्रों को अपनी सत्यनिष्ठा बनाए रखने और जिम्मेदारी के साथ प्रतिस्पर्धा करने का संदेश दिया।

मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में डीन एकेडमिक्स प्रो. (डॉ.) वरुणा त्यागी तथा परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंशुल सलूजा शामिल थे।

अंत में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राहुल शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समारोह में पारंपरिक अकादमिक शोभायात्रा, राष्ट्रीय गीत, डिग्री वितरण, पदक सम्मान, दीक्षांत शपथ और मुख्य अतिथि का संबोधन शामिल रहा। यह समारोह उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और विद्यार्थियों के लिए एक गौरवपूर्ण एवं यादगार क्षण बन गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button