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स्मृति मंधाना ने रचा क्रिकेट का सबसे बड़ा इतिहास: मिताली राज को पछाड़कर महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली दुनिया की नंबर-1 बल्लेबाज बनीं
18 शतकों के साथ मेग लैनिंग का रिकॉर्ड तोड़ा, एशिया कप में 124 रनों का महातूफान

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप-कप्तान और विश्व क्रिकेट की सबसे सुरुचिपूर्ण बाएं हाथ की सलामी बल्लेबाजों में शुमार स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने क्रिकेट की रिकॉर्ड बुक को नए सिरे से लिखते हुए इतिहास रच दिया है। 30 वर्षीय मंधाना अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों टेस्ट, एकदिवसीय (ODI) और टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) को मिलाकर दुनिया में सर्वाधिक रन बनाने वाली सर्वकालिक नंबर-1 बल्लेबाज बन गई हैं।
मंधाना ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित महिला टी20 एशिया कप 2026 के ग्रुप-ए मुकाबले में हांगकांग के खिलाफ हासिल की। उन्होंने अपनी 303वीं अंतरराष्ट्रीय पारी में यह मील का पत्थर छूकर पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज मिताली राज (Mithali Raj) के 10,868 रनों के वर्षों पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
मंधाना ने इस मुकाबले में मात्र 64 गेंदों में 14 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 124 रनों की आतिशी शतकीय पारी खेली, जिसने उनके कुल अंतरराष्ट्रीय रनों की संख्या को 10,880 पर पहुंचा दिया। इसके साथ ही उन्होंने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक (18 शतक) लगाने का ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग का रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया।
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम की धीमी पिच और ‘स्टीम बॉक्स’ जैसी उमस भरी भीषण गर्मी के बीच मंधाना ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने क्रिकेट विशेषज्ञों और दर्शकों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए शुरुआत आसान नहीं थी। दुबई की पिच में गति का अभाव था और गेंद रुककर आ रही थी। मंधाना ने संभलकर खेलते हुए स्ट्राइक रोटेट की, जबकि युवा सलामी जोड़ीदार शैफाली वर्मा ने शुरुआती आक्रमण किया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 50 रनों की ठोस साझेदारी की। शैफाली के 17 गेंदों में 28 रन बनाकर आउट होने के बाद मंधाना ने क्रीज का नियंत्रण पूरी तरह अपने हाथों में ले लिया।
अपना अर्धशतक 40 गेंदों में पूरा करने के बाद मंधाना ने ऐसा गियर बदला जो टी20 क्रिकेट के इतिहास में विरले ही देखने को मिलता है। उन्होंने 50 से 100 रन तक पहुंचने में मात्र 17 गेंदें लीं। हांगकांग की स्पिनरों और मध्यम तेज गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने मैदान के चारों ओर 360-डिग्री शॉट्स लगाए। उनका शतक 57 गेंदों में पूरा हुआ। वे 20वें ओवर में 64 गेंदों पर 124 रन बनाकर एक दुर्भाग्यपूर्ण रन आउट का शिकार हुईं। उनकी इस पारी के दम पर भारत ने 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 193 रन बनाए।
हांगकांग के खिलाफ खेली गई इस पारी ने अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया मंधाना ने अपना 18वां अंतरराष्ट्रीय शतक बनाकर ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज मेग लैनिंग (17 शतक) और दक्षिण अफ्रीका की लौरा वोल्वार्ड्ट (17 शतक) को पछाड़कर दुनिया में सर्वाधिक शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। मंधाना के नाम अब वनडे में 14, टी20 अंतरराष्ट्रीय में 2 और टेस्ट में 2 शतक दर्ज हैं।
मंधाना का 124 रन का स्कोर महिला एशिया कप के इतिहास का किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू के नाम था, जिन्होंने 2024 में दांबुला में मलेशिया के खिलाफ नाबाद 119 रन बनाए थे। यह किसी भी भारतीय महिला बल्लेबाज द्वारा टी20 अंतरराष्ट्रीय में बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी है।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में दो शतक लगाने वाली मंधाना भारत की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। इससे पहले उन्होंने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 112 रनों की शतकीय पारी खेली थी। मंधाना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना 93वां पचास से अधिक का स्कोर (50+ score) दर्ज किया। इसके साथ ही उन्होंने मिताली राज के विश्व रिकॉर्ड (93 बार 50+) की बराबरी कर ली। मंधाना और शैफाली वर्मा के बीच पहले विकेट के लिए हुई 50 रन की साझेदारी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी 29वीं 50+ साझेदारी थी, जो इस प्रारूप में किसी भी जोड़ी द्वारा एक विश्व रिकॉर्ड है।
जब मंधाना ने 10,868 रनों का जादुई आंकड़ा पार किया, तो पूर्व भारतीय कप्तान और पद्मश्री मिताली राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी जूनियर साथी के लिए दिल छू लेने वाला संदेश साझा किया:
“बधाई हो स्मृति, यह तुम्हारी सच्ची मेहनत का फल है! मैंने तुम्हें एक युवा, कच्ची प्रतिभा से भारतीय क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद और विश्वस्तरीय बल्लेबाज बनते देखा है। मेरे रिकॉर्ड को पार कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की नंबर-1 बल्लेबाज बनते देखना मेरे लिए बेहद गर्व और संतोष का क्षण है। तुम इसी तरह भारत का तिरंगा ऊंचा करती रहो। ढेरों शुभकामनाएं!
मैच के बाद ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए मंधाना ने विनम्रता से कहा:
“ईमानदारी से कहूं तो जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तो मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अपनी रोल मॉडल मिताली दीदी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ पाऊंगी। हम मिताली राज और झूलन गोस्वामी को देखकर बड़े हुए हैं। वे भारतीय महिला क्रिकेट की अग्रदूत रही हैं जिन्होंने हमारे लिए रास्ता बनाया।
यह रिकॉर्ड मेरे व्यक्तिगत सफर का नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के विकास का प्रमाण है कि आज दुनिया के शीर्ष दो स्थानों पर दो भारतीय बल्लेबाज मौजूद हैं। व्यक्तिगत आंकड़ों से ज्यादा मुझे इस बात की खुशी है कि मेरी इस पारी से टीम को 193 का मजबूत स्कोर खड़ा करने और मैच जीतने में मदद मिली। दुबई की गर्मी में बल्लेबाजी करना किसी ‘स्टीम बॉक्स’ जैसा था, लेकिन देश के लिए मैदान पर पसीना बहाना सबसे सुखद अनुभव है।”
मंधाना की इस ऐतिहासिक उपलब्धि और असाधारण फॉर्म के बाद भारतीय महिला क्रिकेट में कप्तानी परिवर्तन की बहस भी तेज हो गई है। भारत की पूर्व कप्तान और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त सीओए (CoA) की पूर्व सदस्य डायना एडुल्जी (Diana Edulji) ने चयनकर्ताओं से तत्काल निर्णय लेने की अपील की:
“स्मृति मंधाना को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शीर्ष रन-गेटर बनने पर बधाई। मुझे लगता है कि राष्ट्रीय महिला चयन समिति के लिए यह सही समय है कि वह स्मृति मंधाना को तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) में भारतीय टीम की नई नियमित कप्तान नियुक्त करे।
हरमनप्रीत कौर अब अपने करियर के उत्तरार्ध में (37 वर्ष) हैं। आप कब तक बदलाव को टालेंगे? स्मृति अभी 30 वर्ष की हुई हैं और अपने करियर के चरम पर हैं। हरमनप्रीत को कप्तानी के भारी दबाव से मुक्त किया जाना चाहिए ताकि वे अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित कर सकें, क्योंकि मध्यक्रम में उनका रन बनाना टीम के लिए अनिवार्य है। स्मृति का आत्मविश्वास और खेल कौशल अभी उच्चतम स्तर पर है, अतः उन्हें लंबे समय के लिए पूर्णकालिक नेतृत्व सौंपा जाना चाहिए।”
स्मृति मंधाना का दुनिया की नंबर-1 बल्लेबाज बनने का सफर भारतीय खेल इतिहास की सबसे प्रेरक कहानियों में से एक है
मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज 10,000 रन बनाने वाली बल्लेबाज बनी थीं, जब उन्होंने यह उपलब्धि मात्र 280 पारियों में पूरी की थी। वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20आई) में शतक जड़ने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज हैं। मंधाना की बल्लेबाजी की तुलना अक्सर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की ऑफ-साइड एलिगेंस से की जाती है। उनके इनसाइड-आउट लॉफ्टेड शॉट्स और शॉर्ट-आर्म पुल उनकी ट्रेडमार्क पहचान बन चुके हैं।
स्मृति मंधाना द्वारा मिताली राज के 10,868 रनों के कीर्तिमान को पार कर 10,880 रनों तक पहुंचना केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह विश्व पटल पर भारतीय महिला क्रिकेट के पूर्ण प्रभुत्व और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
मिताली राज ने उस दौर में भारतीय महिला क्रिकेट को जिंदा रखा जब न मीडिया का ध्यान था, न वित्तीय संसाधन और न ही मान्यता। आज स्मृति मंधाना उस मजबूत नींव पर खड़ी होकर आधुनिक टी20 और आक्रामक क्रिकेट के दौर में नए वैश्विक मानक स्थापित कर रही हैं।
18 शतकों और 10,880 रनों के साथ 30 वर्ष की आयु में इस मुकाम तक पहुंचना यह दर्शाता है कि मंधाना के पास अभी कई वर्षों का क्रिकेट बाकी है। वे न केवल आने वाले समय में इन आंकड़ों को ऐसी अकल्पनीय ऊंचाइयों पर ले जाएंगी जिसे छूना किसी भी बल्लेबाज के लिए नामुमकिन सा होगा, बल्कि वे भारत की लाखों युवा बेटियों को बल्ला थामने और सपनों को सच करने का अदम्य साहस देती रहेंगी।



