राष्ट्रीय
ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026: दिल्ली में 11 सितंबर को सभी सरकारी व निजी स्कूल और शिक्षा विभाग के दफ्तर रहेंगे बंद
शिक्षा निदेशालय (DoE) ने जारी किया आधिकारिक अवकाश आदेश, 35 से अधिक सड़कों पर डायवर्जन

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 की व्यापक तैयारियों, कड़े सुरक्षा इंतजामों और सुगम यातायात प्रबंधन के मद्देनजर दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education – DoE) ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। दिल्ली सरकार ने आगामी शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त (Aided) और गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों (Unaided Recognised Private Schools) में पूर्ण अवकाश (Holiday) की घोषणा की है।
इसके साथ ही, शिक्षा निदेशालय के प्रशासनिक तंत्र जिसमें पुराना सचिवालय स्थित मुख्यालय (Headquarters), सभी जिला स्तरीय शिक्षा कार्यालय (District Offices) और क्षेत्रीय जोनल शाखाएं शामिल हैं में भी 11 सितंबर को कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा।
यह आदेश दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department – GAD) द्वारा 3 सितंबर को जारी उस व्यापक अधिसूचना के अनुपालन में जारी किया गया है, जिसके तहत नई दिल्ली में केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और दिल्ली सरकार के सभी दफ्तरों को 11 सितंबर को बंद रखने का निर्देश दिया गया था। चूंकि 12 और 13 सितंबर को क्रमशः शनिवार और रविवार हैं, इसलिए राजधानी में शिक्षण संस्थानों और सरकारी दफ्तरों के लिए तीन दिवसीय पूर्ण ‘शिखर सम्मेलन अवकाश’ (Summit Weekend Closure) रहेगा।
सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका सहित ब्रिक्स के विस्तारित सदस्य देशों (मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात आदि) के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनके आवागमन के लिए राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर ‘नो-स्टॉप’ वीवीआईपी कारकेड प्रोटोकॉल लागू रहेगा। आमतौर पर शुक्रवार की सुबह 7:00 से 9:00 बजे और दोपहर 1:30 से 3:30 बजे के दौरान दिल्ली की सड़कों पर हजारों स्कूल बसें, वैन और निजी वाहन संचालित होते हैं। वीवीआईपी रूट्स और सुरक्षा डायवर्जन के चलते यदि स्कूल खुले रहते, तो बच्चों को घंटों भीषण ट्रैफिक जाम में फंसे रहना पड़ता। केंद्र और दिल्ली सरकार के दफ्तरों के साथ-साथ स्कूलों को बंद करने से लगभग 15 से 20 लाख दैनिक यात्रियों का दबाव सड़कों से समाप्त हो जाएगा, जिससे सुरक्षा बलों को लॉजिस्टिक्स और ट्रैफिक प्रबंधन में आसानी होगी।
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी परिपत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश दिल्ली की भौगोलिक सीमाओं के भीतर संचालित होने वाले संपूर्ण प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूली तंत्र पर बाध्यकारी है दिल्ली सरकार द्वारा संचालित 1,000 से अधिक सर्वोदय विद्यालय, सर्वोदय कन्या/बाल विद्यालय और डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस (SOSE) पूरी तरह बंद रहेंगे।
दिल्ली सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले धार्मिक, भाषाई या सामाजिक ट्रस्टों द्वारा संचालित सभी स्कूल बंद रहेंगे। शहर के सभी बड़े पब्लिक स्कूल (जैसे डीपीएस, मॉडर्न स्कूल, स्प्रिंगडेल्स, बाल भारती, डीएवी आदि) इस आदेश के दायरे में आते हैं। पुराना सचिवालय (Old Secretariat) स्थित शिक्षा निदेशालय का केंद्रीय मुख्यालय, तीनों रीजनल डायरेक्टोरेट, 12 जिला कार्यालय और सभी जोनल शिक्षा अधिकारी (ZEO) कार्यालय 11 सितंबर को पूरी तरह बंद रहेंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों को केवल अत्यंत आपातकालीन और सम्मेलन से जुड़े विशिष्ट प्रोटोकॉल ड्यूटी के लिए ही ऑन-कॉल रहने को कहा गया है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सुचारू संचालन के लिए राजधानी के इतिहास के सबसे व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत ट्रैफिक नियंत्रण अभियानों में से एक की रूपरेखा तैयार की है विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) के अनुसार, सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, मथुरा रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग और सी-हेक्सागन (इंडिया गेट) पर सामान्य वाहनों का प्रवेश पूरी तरह नियंत्रित या प्रतिबंधित रहेगा।
पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को बहादुर शाह जफर (BSZ) मार्ग और आईपी मार्ग की ओर मोड़ा जाएगा। वाहनों को बीएसजेड मार्ग से होते हुए दिल्ली गेट की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इन इलाकों में जाने के लिए केवल सिकंदरा रोड और बाराखंभा रोड के वैकल्पिक मार्गों की अनुमति होगी। मथुरा रोड और तिलक मार्ग पर निजी और वाणिज्यिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस इस सम्मेलन के दौरान वास्तविक समय में ट्रैफिक की स्थिति का जायजा लेने के लिए पहली बार उन्नत निगरानी ड्रोन्स (Drone Surveillance) का इस्तेमाल कर रही है। ये ड्रोन्स प्रमुख चौराहों, अंतरराज्यीय सीमाओं (सिंघू, टिकरी, बदरपुर, गाजीपुर) और संवेदनशील कॉरिडोर्स के ऊपर उड़कर जाम और बॉटलनेक की लाइव तस्वीरें कंट्रोल रूम को भेजेंगे ताकि तुरंत ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सके।
राष्ट्रीय राजधानी को जी20 शिखर सम्मेलन की तरह ही एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकाने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC), लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी ने व्यापक अभियान चलाया है अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में 15 प्रमुख स्थानों पर ‘फ्लोरल बोर्ड्स’ और 9 प्रमुख चौराहों पर ‘फूलों के फव्वारे’ (Flower Fountains) स्थापित किए गए हैं। लुटियंस दिल्ली के 17 गोलचक्करों (Roundabouts) को विदेशी पौधों, मौसमी फूलों और सुंदर मूर्तिकलाओं से सजाया गया है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के ठहरने के लिए चाणक्यपुरी और मध्य दिल्ली के 10 पांच सितारा होटलों को चुना गया है, जिनके चारों ओर अर्धसैनिक बलों (CRPF) और दिल्ली पुलिस के स्वात (SWAT) कमांडो का चौबीसों घंटे पहरा रहेगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 11 सितंबर को किसी भी स्थिति में छात्रों, शिक्षकों या प्रशासनिक कर्मचारियों को स्कूल परिसर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। चूंकि सितंबर का महीना स्कूलों में प्रथम सत्र (Mid-Term) और अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का समय होता है, इसलिए जिन स्कूलों में 11 सितंबर को कोई परीक्षा निर्धारित थी, उन्हें संबंधित विषयों के प्रश्न-पत्रों की तिथियों को आगे बढ़ाने (Reschedule) का निर्देश दिया गया है। निजी स्कूल चाहें तो छात्रों की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए ऑनलाइन मोड में कक्षाएं या असाइनमेंट सत्र आयोजित कर सकते हैं, हालांकि यह स्वैच्छिक होगा और छात्रों की उपस्थिति को लेकर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
सड़क मार्ग पर भारी पाबंदियों के बीच आम जनता और दैनिक यात्रियों को राहत देने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने अपनी सेवाएं सामान्य रखने का फैसला किया है दिल्ली मेट्रो के सभी 12 कॉरिडोर्स और 288 स्टेशनों पर सेवाएं सामान्य समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगी। सुरक्षा कारणों से केवल सुप्रीम कोर्ट (प्रगति मैदान) मेट्रो स्टेशन और खान मार्केट मेट्रो स्टेशन के कुछ प्रवेश/निकास द्वारों पर अस्थायी पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। ट्रैफिक पुलिस ने दिल्लीवासियों और एनसीआर के यात्रियों से आग्रह किया है कि वे 11 से 13 सितंबर के दौरान अपनी निजी कारों और टैक्सियों के बजाय दिल्ली मेट्रो का अधिकतम उपयोग करें ताकि सड़कों पर अनावश्यक जाम से बचा जा सके।
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 भारत की वैश्विक कूटनीतिक प्रतिष्ठा, भू-राजनीतिक नेतृत्व और आर्थिक शक्ति को प्रदर्शित करने का एक ऐतिहासिक मंच है। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय द्वारा 11 सितंबर को स्कूलों और विभागीय दफ्तरों में अवकाश घोषित करने का निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि देश की राजधानी में आने वाले विश्व के शीर्ष नेताओं का स्वागत उच्चतम सुरक्षा और मर्यादा के साथ हो सके, जबकि शहर के लाखों नन्हे स्कूली बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा, ट्रैफिक जाम या जोखिम का सामना न करना पड़े।
शनिवार और रविवार के साथ मिलकर बने इस तीन दिवसीय अवकाश के दौरान दिल्ली प्रशासन, सुरक्षा बल और नागरिक मिलकर यह साबित करेंगे कि भारत न केवल बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का कुशल आयोजक है, बल्कि अपनी जनता की सुरक्षा और कल्याण के प्रति भी पूरी तरह समर्पित है।



