राजनीतिराष्ट्रीय

दिल्ली विश्वविद्यालय कॉलेज छात्र संघ चुनाव: ABVP का जबर्दस्त दबदबा

SRCC, अदिति, शिवाजी और अरबिंदो कॉलेज समेत कई परिसरों में किया क्लीन स्वीप

देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के विभिन्न संबद्ध कॉलेजों में शुक्रवार, 18 सितंबर को आयोजित छात्र संघ चुनावों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एकतरफा और जबर्दस्त जीत हासिल की है। शुक्रवार देर शाम विभिन्न कॉलेज चुनाव समितियों द्वारा घोषित आधिकारिक परिणामों में एबीवीपी ने कॉमर्स के सिरमौर संस्थान श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC), अदिति महाविद्यालय, श्री अरबिंदो कॉलेज (मॉर्निंग) और शिवाजी कॉलेज सहित दर्जन भर से अधिक परिसरों में विरोधियों का पूरी तरह सूपड़ा साफ करते हुए क्लीन स्वीप (Clean Sweep) दर्ज किया।
कॉलेज स्तर पर हुए इन छात्र संघ चुनावों में 1.51 लाख से अधिक पंजीकृत छात्र-छात्राओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) के जरिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जहां केंद्रीय दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के मुख्य चार पदों (अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव) के लिए मतों की गिनती शनिवार, 19 सितंबर को नॉर्थ कैंपस के यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित की जाएगी, वहीं कॉलेज स्तर के संघों के परिणाम शुक्रवार देर रात तक पूरी तरह साफ हो गए।
घोषित परिणामों में एबीवीपी ने न केवल सह-शिक्षा (Co-ed) कॉलेजों में अपना परचम लहराया, बल्कि प्रमुख महिला कॉलेजों भारती कॉलेज, अदिति महाविद्यालय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में भी प्रचंड जीत दर्ज कर यह साबित किया कि छात्राओं के बीच उसका जनाधार अत्यंत व्यापक और सुदृढ़ हुआ है।
शुक्रवार, 18 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ और साउथ कैंपस सहित राजधानी के चारों कोनों में फैले 50 से अधिक संबद्ध कॉलेजों में सुबह से ही छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया। दिल्ली विश्वविद्यालय प्रॉक्टर कार्यालय और दिल्ली पुलिस के संयुक्त समन्वय से चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया।
दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2026 में कुल 39.78% मतदान दर्ज किया गया यह आंकड़ा 2024 (35.20%) और 2025 (39.45%) की तुलना में अधिक है, जो छात्रों में लोकतांत्रिक भागीदारी की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। डे-कॉलेजों में सुबह 8:30 से दोपहर 1:00 बजे तक करीब 36% मतदान हुआ, जबकि इवनिंग कॉलेजों में शाम 7:30 बजे तक मतदान चला।
पूरे विश्वविद्यालय में कुल 1,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVMs) तैनात की गई थीं, जिनमें से 960 मशीनों का उपयोग वास्तविक मतदान के लिए किया गया और 40 मशीनें तकनीकी खराबी से निपटने के लिए रिजर्व में रखी गई थीं। मतदान संपन्न होने के बाद कॉलेज स्तर के मतपत्रों व कंट्रोल यूनिट्स की गिनती कॉलेज प्राचार्यों की निगरानी में तुरंत शुरू हुई, जबकि डूसू सेंट्रल पैनल की 830 बैलेट यूनिट्स और 281 कंट्रोल यूनिट्स को अर्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा में नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में सील कर दिया गया।
हाल के सप्ताहों में कैंपस में हिंसा, सार्वजनिक दीवारों पर पोस्टर चिपकाने (Defacement of Property) और कारों के काफिलों से उपद्रव मचाने के मामलों पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने चुनावों के संचालन पर सख्त दिशानिर्देश जारी किए थे। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का कड़ाई से पालन कराया गया, जिसके चलते कॉलेजों के बाहर किसी भी प्रकार के अनधिकृत विजय जुलूस और लाउडस्पीकरों पर रोक रही।
कॉलेज स्तर के छात्र संघ चुनावों के नतीजे इस बात का आईना होते हैं कि दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक वर्गों में हवा किस दिशा में बह रही है नॉर्थ कैंपस का प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स हमेशा से अकादमिक उत्कृष्टता और बौद्धिक छात्र राजनीति का केंद्र माना जाता है। यहां एबीवीपी के उम्मीदवारों ने न केवल अध्यक्ष और सचिव के पदों पर भारी मतों के अंतर से जीत हासिल की, बल्कि कॉलेज के दोनों सेंट्रल काउंसलर (CC) पदों को भी अपनी झोली में डाल लिया। देश भर से आने वाले मेधावी कॉमर्स और इकोनॉमिक्स के छात्रों के बीच यह जीत एबीवीपी के लिए सबसे बड़ी नैतिक और राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है।
महिला सुरक्षा, हॉस्टल आवंटन और सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनों जैसे बुनियादी मुद्दों पर केंद्रित अपने एजेंडे के दम पर एबीवीपी ने महिला महाविद्यालयों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया जनकपुरी स्थित इस विशाल महिला कॉलेज में एबीवीपी ने सभी 8 पदों (8-0) पर एकतरफा जीत दर्ज की। बवाना स्थित इस कॉलेज में संगठन ने पूरे पैनल पर क्लीन स्वीप किया। पंजाबी बाग स्थित इस कॉलेज में अध्यक्ष और सचिव के साथ-साथ दोनों सेंट्रल काउंसलर पदों पर एबीवीपी प्रत्याशी विजयी रहे।
राजा गार्डन स्थित शिवाजी कॉलेज और मालवीय नगर स्थित श्री अरबिंदो कॉलेज (मॉर्निंग) में एबीवीपी ने विपक्षी छात्र गुटों को पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया। दोनों ही कॉलेजों में 6-0 से संपूर्ण पैनल की विजय ने यह सिद्ध किया कि साउथ और वेस्ट दिल्ली के सह-शिक्षा कॉलेजों में संगठन का कैडर प्रबंधन और माइक्रो-इलेक्शन मैनेजमेंट अत्यंत प्रभावी रहा।
रानी बाग स्थित केशव महाविद्यालय में एबीवीपी ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव तीनों शीर्ष पदों पर शानदार जीत दर्ज की। वहीं यमुना पार स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज में चारों प्रमुख पदों पर एबीवीपी प्रत्याशियों ने भारी अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वियों को पराजित किया।
इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र संघ चुनाव केवल पारंपरिक नारेबाजी तक सीमित नहीं था, बल्कि छात्रों के दैनिक जीवन और सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों ने चुनावी विमर्श को दिशा दी सितंबर की शुरुआत में सत्य निकेतन में एक पीजी/हॉस्टल इमारत के ढहने से कई छात्रों की दुखद मौत हो गई थी। इस हादसे ने पूरे विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। एबीवीपी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए ‘स्टूडेंट हाउसिंग रेगुलेशन सेल’ और सभी निजी पीजी में सुरक्षा ऑडिट कराने का संकल्प पत्र जारी किया, जिसे छात्रों का व्यापक समर्थन मिला।
कैंपस में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, कॉलेज परिसरों के बाहर पुलिस पीसीआर वैन और पिंक बूथों की नियमित गश्त, और छात्राओं के लिए प्रति माह मासिक धर्म अवकाश (Menstrual Leave) की मांग छात्राओं के बीच प्रमुख आकर्षण बनी। सेंट्रल लाइब्रेरी को 24×7 खोलने, ई-लाइब्रेरी सुविधाओं को मुफ्त करने और टियर-2/टियर-3 कॉलेजों में बड़ी कंपनियों के कैंपस प्लेसमेंट सुनिश्चित करने के वादे ने प्रथम वर्ष के नए मतदाताओं (Fresher Voters) को संगठन के पक्ष में लामबंद किया।
कॉलेज छात्र संघ चुनावों में सबसे महत्वपूर्ण पद सेंट्रल काउंसलर (Central Councillor – CC) का होता है। प्रत्येक कॉलेज से चुने जाने वाले ये दो प्रतिनिधि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की सर्वोच्च निर्णयकारी संस्था ‘सुप्रीम काउंसिल’ और ‘एग्जीक्यूटिव कमेटी’ के सदस्य बनते हैं श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज, डिपार्टमेंट ऑफ लाइब्रेरी साइंसेज, रामजस कॉलेज सहित दर्जनों कॉलेजों में दोनों-दोनों सेंट्रल काउंसलर पदों पर जीत दर्ज करके एबीवीपी ने डूसू की आगामी केंद्रीय कार्यकारिणी में अपना पूर्ण बहुमत लगभग सुनिश्चित कर लिया है।
शनिवार, 19 सितंबर को डूसू के मुख्य चार पदों की मतगणना होनी है। कॉलेज चुनावों में एबीवीपी का यह प्रचंड प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि अध्यक्ष पद के प्रत्याशी यश डाबास, उपाध्यक्ष पद के ईशू मौर्य, सचिव पद की रिया छिल्लर/छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद के लक्ष्यराज सिंह के पक्ष में एक मजबूत जमीनी लहर काम कर रही है। एबीवीपी नेतृत्व ने कॉलेज नतीजों के बाद डूसू केंद्रीय पैनल में “4-0 की क्लीन स्वीप” का दावा किया है।
नतीजों की घोषणा के बाद एबीवीपी के दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए इसे छात्र शक्ति और राष्ट्रवादी विचारों की जीत बताया
“दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नकारात्मक राजनीति, जातिवाद और झूठे वादों को सिरे से नकार दिया है। एसआरसीसी से लेकर अदिति, भारती और शिवाजी कॉलेज तक छात्रों ने एबीवीपी के साल भर किए गए रचनात्मक कार्यों, छात्र संघर्षों और राष्ट्रवादी सोच पर अपनी मुहर लगाई है। यह जनादेश स्पष्ट संकेत है कि शनिवार को जब डूसू के केंद्रीय मतों की गिनती होगी, तो वहां भी एबीवीपी 4-0 से ऐतिहासिक विजय दर्ज करेगी। हम दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरा सम्मान करते हैं और सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी प्रकार की उद्दंडता के बिना शालीनता से छात्रों के बीच अपनी खुशियां साझा करें।”
देर शाम जैसे ही परिणाम घोषित हुए, विभिन्न कॉलेजों के बाहर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने ढोल-ताशों की थाप पर भांगड़ा किया, एक-दूसरे को भगवा गुलाल लगाया और ‘भारत माता की जय’ तथा ‘वंदे मातरम’ के नारों से परिसर को गुंजायमान कर दिया।
दिल्ली विश्वविद्यालय के 2026 के कॉलेज छात्र संघ चुनाव केवल कुछ पदों पर जीत-हार का मामला नहीं हैं, बल्कि यह देश की युवा पीढ़ी की प्राथमिकताओं, आकांक्षाओं और राजनीतिक चेतना का जीवंत दस्तावेज हैं। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स जैसे शीर्ष अकादमिक संस्थान से लेकर भारती और अदिति महाविद्यालय जैसे महिला संस्थानों तक एबीवीपी की एकतरफा जीत यह प्रमाणित करती है कि आज का सामान्य छात्र खोखली बयानबाजी के बजाय ठोस मुद्दों जैसे सुरक्षित परिसर, पारदर्शी आवास नीतियां, आधुनिक पुस्तकालय और सुलभ उच्च शिक्षा पर वोट करता है।
शुक्रवार को घोषित इन नतीजों ने शनिवार, 19 सितंबर को होने वाली डूसू केंद्रीय मतगणना के लिए मंच पूरी तरह सजा दिया है। कॉलेज स्तर पर मिली यह जबर्दस्त बढ़त एबीवीपी के केंद्रीय पैनल के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले गई है। अब समूचे देश और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों की निगाहें शनिवार सुबह नॉर्थ कैंपस के स्पोर्ट्स स्टेडियम में खुलने वाली ईवीएम पर टिकी हैं, जहां दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र समुदाय अपने सर्वोच्च केंद्रीय नेतृत्व पर अंतिम और निर्णायक मुहर लगाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button