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जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का ऐतिहासिक आईपीओ: 100 मिनट में 100% सब्सक्राइब

संस्थागत बिड्स 3 गुना पार, वैश्विक दिग्गजों की रिकॉर्ड बोली और 5G-AI विस्तार पर ब्रोकरेज

भारतीय पूंजी बाजार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के इतिहास में 21 अक्टूबर 2026 की तारीख एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की डिजिटल व टेलीकॉम फ्लैगशिप सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Limited – JPL) का बहुप्रतीक्षित ₹30,213 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) बुधवार सुबह आम बोली के लिए खुला और दलाल स्ट्रीट पर अप्रत्याशित उत्साह के बीच महज 100 मिनट के भीतर शत-प्रतिशत सब्सक्राइब हो गया।
भारतीय प्राथमिक बाजार (Primary Market) के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल यह पूरा आईपीओ नए इक्विटी शेयरों की बिक्री यानी 100% फ्रेश इश्यू (Fresh Share Sale) पर आधारित है। इसमें प्रवर्तक या मौजूदा निवेशकों द्वारा कोई ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) शामिल नहीं किया गया है।
सार्वजनिक बोली शुरू होने से पहले ही कंपनी ने रिकॉर्ड एंकर बुक के जरिए वैश्विक दिग्गज फंडों से ₹8,110 करोड़ जुटाकर मजबूत शुरुआत की थी। बोली खुलने के शुरुआती घंटों में ही योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) का आरक्षित कोटा 3 गुना से अधिक भर गया, जिसमें ब्लैकरॉक (BlackRock), फिडेलिटी (Fidelity), और आलियांज (Allianz) जैसे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने आक्रामक बोलियां लगाईं।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जुटाई गई पूंजी का सबसे बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो इन्फोकॉम (RJIL) के कर्ज को चुकाने में किया जाएगा, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट व्यावहारिक रूप से कर्ज-मुक्त हो जाएगी और उसका ध्यान पूरी तरह 5G नेटवर्क, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर केंद्रित होगा।
सार्वजनिक बोली शुरू होने से पहले 19 अक्टूबर को ही कंपनी ने अपनी एंकर बुक के जरिए ₹8,110 करोड़ का आवंटन पूरा कर लिया था। एंकर आवंटन में दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर ब्लैकरॉक, अमेरिकी दिग्गज फिडेलिटी पेन्सिलवेनिया, जर्मन बीमा समूह आलियांज, कैपिटल ग्रुप, सिंगापुर सरकार (GIC), और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) ने भाग लिया। घरेलू मोर्चे पर एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी और कोटक म्यूचुअल फंड ने एंकर बुक में बड़ी हिस्सेदारी ली। इस मजबूत संस्थागत समर्थन का असर आम बोली के पहले ही दिन दिखा, जब 100 मिनट के भीतर पूरे ₹30,213 करोड़ के शेयर बुक हो गए।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के मौजूदा शेयरधारकों के लिए 2.23 करोड़ शेयर आरक्षित रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त, जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस जियो के पात्र कर्मचारियों के लिए ₹54 प्रति शेयर की विशेष छूट दी गई है, जिससे कर्मचारियों में भी आईपीओ को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने पिछले तीन वर्षों में देशव्यापी 5G स्टैंडअलोन (SA) नेटवर्क बिछाने और स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए भारी पूंजीगत व्यय (Capex) किया था। ₹27,500 करोड़ के ऋण का अग्रिम भुगतान होने से कंपनी के वार्षिक वित्त व्यय (Finance Costs) में लगभग ₹2,200 करोड़ से ₹2,400 करोड़ की कमी आएगी। ब्याज का बोझ हटने से कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) सीधे तौर पर 8% से 10% तक बढ़ जाएगा। इससे उत्पन्न होने वाला विशाल फ्री कैश फ्लो कंपनी को भविष्य के तकनीकी निवेशों, डेटा सेंटर निर्माण और एआई चिपसेट खरीद के लिए किसी नए ऋण पर निर्भर नहीं रहने देगा।
भौतिक ऑप्टिकल फाइबर बिछाने की जटिलताओं को दरकिनार करते हुए, जियो ने फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) तकनीक से लाखों घरों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा है। यह सेगमेंट उच्च मार्जिन वाला है और प्रति यूजर डेटा खपत को बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है।
जियो ने जामनगर और नवी मुंबई में गीगावाट-स्केल के ग्रीन डेटा सेंटर्स स्थापित किए हैं। कंपनी अपने एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म ‘जियो ब्रेन’ के माध्यम से भारतीय उद्यमों और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को कस्टमाइज्ड एआई सॉल्यूशंस, स्पीच-टू-टेक्स्ट मॉडल्स और इंडिक भाषाओं के लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLM) प्रदान कर रही है।

जियोसिनेमा (JioCinema), जियोसावन (JioSaavn), जियोहेल्थहब, और जियोफाइनेंशियल सर्विसेज के साथ साझेदारी के जरिए कंपनी भारत के उपभोक्ता डिजिटल बाजार के हर पहलू पर मौजूद है। हालिया टैरिफ वृद्धि के बाद कंपनी का एआरपीयू (ARPU) ₹200 के आंकड़े को पार कर चुका है, जिसके FY27 तक ₹225-230 पहुंचने का अनुमान है।
विश्लेषकों के अनुसार ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड पर, जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्य लगभग ₹10.30 लाख करोड़ (लगभग $120-125 बिलियन) आंका गया है। 2020 में जब फेसबुक (मेटा) और गूगल ने जियो प्लेटफॉर्म्स में हिस्सेदारी ली थी, तब कंपनी का मूल्यांकन लगभग $65 बिलियन था। पिछले 6 वर्षों में कंपनी का ग्राहक आधार 40 करोड़ से बढ़कर 53 करोड़ पार कर चुका है और मुनाफा दोगुना से अधिक हो चुका है, जिससे मौजूदा वैल्यूएशन निवेशकों के लिए आकर्षक माना जा रहा है।
यह आईपीओ शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को शाम 5:00 बजे बंद होगा। सफल आवेदकों को शेयरों का आवंटन सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। असफल आवेदकों को रिफंड और सफल आवेदकों के डीमैट खाते में शेयरों का क्रेडिट मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को होगा। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध होकर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे।
जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ केवल एक कॉर्पोरेट पूंजी जुटाने की घटना नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र भारत के सबसे सफल आर्थिक और तकनीकी प्रयोग की परिपक्वता का प्रमाण है। 2016 में जब जियो ने मुफ्त डेटा और वॉयस कॉलिंग के साथ शुरुआत की थी, तब किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दशक के भीतर यह कंपनी 53 करोड़ भारतीयों को जोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा डेटा नेटवर्क बन जाएगी।
पहले ही दिन 100 मिनट के भीतर शत-प्रतिशत सब्सक्राइब हो जाना और अंतरराष्ट्रीय पेंशन व सॉवरेन फंड्स की आक्रामक बोली यह साबित करती है कि वैश्विक पूंजी भारत की डिजिटल विकास गाथा और रिलायंस के निष्पादन कौशल (Execution Capability) पर पूरा भरोसा करती है।
28 अक्टूबर को जब जियो प्लेटफॉर्म्स शेयर बाजार में कदम रखेगा, तो यह न केवल भारतीय शेयर बाजारों के कुल मूल्यांकन को एक नई ऊंचाई देगा, बल्कि देश के लाखों खुदरा निवेशकों को भविष्य की 5G, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति का सीधा साझीदार बनने का स्वर्णिम अवसर प्रदान करेगा।

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