फाइनेंशियल लिट्रेसीसंपादकीय

टर्म इंश्योरेंस का महत्व : उम्र और ह्यूमन लाइफ वैल्यू (HLV) की भूमिका

बदलती जीवनशैली तथा स्वास्थ्य और जीवन की अनिश्चतताओं के कारण रोटी, कपड़ा और मकान के बाद बीमा भी बुनियादी जरूरतों में शामिल

 

आज की बदलती जीवनशैली, बढ़ते खर्चे और अनिश्चितताओं से भरे माहौल में आर्थिक सुरक्षा का महत्व पहले से कहीं अधिक हो गया है। हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी अनुपस्थिति में भी परिवार को आर्थिक तंगी न झेलनी पड़े और उनकी जीवनशैली प्रभावित न हो। ऐसे में टर्म इंश्योरेंस (Term Insurance) एक सशक्त साधन है जो परिवार को वित्तीय सुरक्षा और भविष्य की स्थिरता प्रदान करता है।

यह लेख टर्म इंश्योरेंस के महत्व, इसमें उम्र की भूमिका और ह्यूमन लाइफ वैल्यू (HLV) की गणना की विस्तृत व्याख्या करता है।

टर्म इंश्योरेंस क्या है?

टर्म इंश्योरेंस एक ऐसा जीवन बीमा है जिसमें बीमाधारक की मृत्यु होने पर नामित व्यक्ति (Nominee) को निश्चित धनराशि (Sum Assured) प्राप्त होती है। यदि पॉलिसी अवधि के दौरान बीमाधारक जीवित रहता है तो किसी प्रकार का रिटर्न नहीं मिलता।

इसे हम शुद्ध सुरक्षा बीमा (Pure Protection Plan) भी कहते हैं क्योंकि यह केवल जोखिम कवर प्रदान करता है।

उदाहरण:
मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 1 करोड़ रुपये का टर्म इंश्योरेंस लिया है। यदि उनकी मृत्यु पॉलिसी अवधि में हो जाती है तो उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये मिलेंगे।

टर्म इंश्योरेंस का महत्व

परिवार की आर्थिक सुरक्षा-

बीमाधारक की अचानक मृत्यु होने पर परिवार को आय का स्रोत समाप्त हो जाता है। टर्म इंश्योरेंस उस स्थिति में परिवार को वित्तीय सहारा देता है, जिससे वे अपनी आवश्यक जरूरतें और शिक्षा, विवाह जैसे बड़े खर्च पूरे कर सकें।

किफायती प्रीमियम-

अन्य बीमा योजनाओं की तुलना में टर्म इंश्योरेंस के प्रीमियम काफी कम होते हैं। कम प्रीमियम में बड़ा कवर उपलब्ध होता है।

कर्ज की सुरक्षा-

आजकल अधिकांश लोग गृह ऋण, वाहन ऋण या शिक्षा ऋण लेते हैं। बीमाधारक की मृत्यु के बाद यह बोझ परिवार पर न आ जाए, इसके लिए टर्म इंश्योरेंस महत्वपूर्ण है।

मन की शांति-

बीमा लेने वाले को यह संतोष रहता है कि उनकी अनुपस्थिति में परिवार सुरक्षित रहेगा। यह मानसिक शांति जीवन को अधिक सकारात्मक बनाती है।

टैक्स लाभ

टर्म इंश्योरेंस की प्रीमियम राशि आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत कर छूट देती है। वहीं, मृत्यु लाभ (Death Benefit) धारा 10(10D) के अंतर्गत टैक्स-फ्री होता है।

उम्र का महत्व (Importance of Age)

टर्म इंश्योरेंस लेते समय उम्र एक निर्णायक भूमिका निभाती है।

कम उम्र में कम प्रीमियम

जितनी कम उम्र में बीमा लिया जाता है, प्रीमियम उतना ही कम होता है। इसका कारण यह है कि कम उम्र में स्वास्थ्य जोखिम और मृत्यु की संभावना कम होती है।

उदाहरण:

25 वर्ष के व्यक्ति के लिए 1 करोड़ का कवर = लगभग ₹600-700 मासिक।

40 वर्ष के व्यक्ति के लिए वही कवर = ₹1,500-2,000 मासिक।

लंबी अवधि का कवरेज

कम उम्र में पॉलिसी लेने से व्यक्ति लंबी अवधि तक कवर प्राप्त कर सकता है (जैसे 60-70 वर्ष तक)।

स्वास्थ्य जोखिम

बढ़ती उम्र के साथ बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। 40-45 वर्ष के बाद कई लोग मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में बीमा कंपनियां प्रीमियम बढ़ा देती हैं या प्रस्ताव को अस्वीकार भी कर सकती हैं।

परिवार की बढ़ती जिम्मेदारियां

उम्र के साथ जिम्मेदारियां बढ़ती हैं—शादी, बच्चों की शिक्षा, घर खरीदना आदि। इसलिए टर्म इंश्योरेंस जल्दी लेना ज्यादा फायदेमंद होता है।

ह्यूमन लाइफ वैल्यू (HLV) क्या है?

ह्यूमन लाइफ वैल्यू (Human Life Value) वह अनुमानित आर्थिक मूल्य है जो किसी व्यक्ति के जीवन से जुड़ा होता है। सरल  शब्दों में, यह वह धनराशि है जो व्यक्ति अपने पूरे कार्यकाल में कमा सकता है और परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकता है।

     HLV की गणना से यह तय किया जाता है कि किसी व्यक्ति को कितनी बीमा राशि लेनी चाहिए।

ह्यूमन लाइफ वैल्यू (HLV) की गणना

     HLV की गणना विभिन्न तरीकों से की जाती है। दो प्रमुख तरीके हैं:

आय प्रतिस्थापन विधि (Income Replacement Method)

     इसमें व्यक्ति की वर्तमान वार्षिक आय और सेवानिवृत्ति तक बची हुई कामकाजी उम्र को ध्यान में रखकर गणना की जाती है।

सूत्र:

    HLV=वार्षिकआय×शेष कार्यकाल (Retirement Age–Current Age)

उदाहरण:

वर्तमान आय = ₹10 लाख प्रतिवर्ष

वर्तमान आयु = 30 वर्ष

सेवानिवृत्ति आयु = 60 वर्ष

शेष कार्यकाल = 30 वर्ष

HLV=10,00,000×30= ₹3करोड़

इस व्यक्ति को कम से कम ₹3 करोड़ का टर्म इंश्योरेंस कवर लेना चाहिए।

खर्च और जिम्मेदारी आधारित विधि (Need-Based Method)

इसमें परिवार के भविष्य के खर्च, कर्ज, बच्चों की शिक्षा, विवाह आदि को जोड़कर कुल राशि निकाली जाती है।

उदाहरण:

गृह ऋण = ₹40 लाख

बच्चों की शिक्षा = ₹25 लाख

बच्चों की शादी = ₹20 लाख

पारिवारिक खर्च (मासिक ₹50,000 × 20 वर्ष) = ₹1.2 करोड़

कुल HLV = ₹40 लाख + ₹25 लाख + ₹20 लाख + ₹1.2 करोड़ = ₹2.05 करोड़

इस व्यक्ति को कम से कम ₹2.05 करोड़ का बीमा लेना चाहिए।

 टर्म इंश्योरेंस चुनते समय ध्यान देने योग्य बातें

सही कवरेज चुनें – अपनी HLV के अनुसार बीमा राशि तय करें।

जल्दी शुरू करें – कम उम्र में प्रीमियम कम और अवधि लंबी होगी।

कंपनी का क्लेम सेटलमेंट अनुपात देखें – उच्च CSR वाली कंपनी चुनें।

राइडर्स जोड़ें – जैसे Critical Illness Rider, Accidental Death Benefit Rider आदि।

मुद्रास्फीति का ध्यान रखें – समय-समय पर कवर बढ़ाते रहें।

निष्कर्ष

टर्म इंश्योरेंस केवल एक बीमा पॉलिसी नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी अनहोनी में परिवार का जीवन स्तर प्रभावित न हो।

उम्र का महत्व यह सिखाता है कि जितना जल्दी शुरू करेंगे, उतना सस्ता और फायदेमंद होगा।

वहीं, ह्यूमन लाइफ वैल्यू (HLV) की गणना हमें यह स्पष्ट करती है कि हमें कितनी बीमा राशि की जरूरत है।

अतः हर व्यक्ति को चाहिए कि वह अपनी उम्र और आय के हिसाब से समय रहते पर्याप्त टर्म इंश्योरेंस ले, ताकि भविष्य में परिवार सुरक्षित और निश्चिंत रह सके।

समय रहते टर्म इंश्योरेंस खरीदना ठीक उसी प्रकार की तैयारी है जिस तरह बारिश होने से पहले छाता खरीद लेना। संभव है बारिश न हो पर यदि हुई और आपके पास छाता पहले से है तो छाता आपको यक़ीनन भीगने से बचा लेगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button