चेन्नई परिवार न्यायालय में बड़ा घटनाक्रम: संगीता ने चेंगलपट्टू कोर्ट से वापस ली तलाक की याचिका
सीएम विजय के साथ विवाह विच्छेद का मामला बंद

दक्षिण भारतीय सिनेमा के शीर्ष अभिनेता, ‘तमिलागा वेत्री कझगम’ (TVK) के संस्थापक और तमिलनाडु के राजनीतिक पटल पर एक प्रमुख पहचान रखने वाले सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) की व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़ा एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। विजय की पत्नी संगीता स्वर्णा लिंगम (Sangeetha Sornalingam) ने चेंगलपट्टू स्थित जिला परिवार न्यायालय (Chengalpattu Family Court) में दायर अपनी विवाह विच्छेद (तलाक) की याचिका को आधिकारिक रूप से वापस ले लिया है।
शुक्रवार (7 अगस्त 2026) को हुई सुनवाई के दौरान संगीता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष उपस्थित होकर अपना वक्तव्य दर्ज कराया। उन्होंने एकल पीठ (Single Judge) को सूचित किया कि वे इस मामले में कानूनी कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ाना चाहती हैं।
पारिवारिक न्यायालय की न्यायाधीश डी. सुजाता (Judge D. Sujatha) ने संगीता द्वारा प्रस्तुत ‘मामला वापस लेने की अर्जी’ (Withdrawal Petition) को स्वीकार करते हुए इस हाई-प्रोफाइल केस को “अप्रतिद्वंद्वी – वापस लिया गया” (Uncontested – Withdrawn) के रूप में बंद/निस्तारित (Disposed of) कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता को यह अधिकार सुरक्षित रखा है कि यदि भविष्य में परिस्थितियोंवश आवश्यकता महसूस हो, तो वे नए सिरे से नया आवेदन (Liberty to file a fresh petition) दाखिल कर सकती हैं। शुक्रवार सुबह जब इस हाई-प्रोफाइल मामले को चेंगलपट्टू परिवार न्यायालय में पुकारा गया, तो संगीता ने अपने वकीलों के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) प्रणाली के जरिए उपस्थिति दर्ज कराई।
न्यायाधीश ने लगभग 15 मिनट चली इस कानूनी बातचीत के दौरान संगीता के बयानों को रिकॉर्ड पर लिया। अदालत के आदेश पत्र में दर्ज किया गया “याचिकाकर्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुईं और उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि वे इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने वापस लेने की याचिका दायर की है। प्रतिवादी के वकील को इसकी प्रति दी गई, जिन्होंने याचिका वापस लिए जाने पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं की। याचिकाकर्ता को भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर नई याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता देते हुए यह अर्जी स्वीकार की जाती है।”
प्रतिवादी (विजय) के कानूनी सलाहकारों ने संगीता द्वारा केस वापस लिए जाने के फैसले पर किसी भी प्रकार का विरोध नहीं जताया। इसके परिणामस्वरूप, अदालत को मामले के मेरिट्स (Merits of the case) यानी आरोपों की सत्यता या असत्यता पर कोई न्यायिक फैसला सुनाने की आवश्यकता नहीं पड़ी और केस बिना किसी फैसले के समाप्त हो गया।
यह मामला पहली बार फरवरी 2026 में उस समय सार्वजनिक चर्चा में आया था, जब संगीता ने चेंगलपट्टू कोर्ट का रुख किया था। विशेष विवाह अधिनियम, 1954 (Special Marriage Act, 1954) के तहत दाखिल की गई इस याचिका में विवाह विच्छेद के लिए कई गंभीर आधार प्रस्तुत किए गए थे संगीता ने अपनी मूल याचिका में आरोप लगाया था कि विजय का उनकी एक सह-कलाकार (Co-star) के साथ विवाहेतर संबंध था, जिसकी जानकारी उन्हें 2021 में मिली थी।
याचिका के अनुसार, विजय ने उस संबंध को समाप्त करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कथित तौर पर वह जारी रहा, जिससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। संगीता ने दावा किया था कि विदेश यात्राओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में धीरे-धीरे उन्हें किनारे कर दिया गया और सोशल मीडिया पर आ रही खबरों के कारण उन्हें तथा उनके दो बच्चों को सार्वजनिक अपमान सहना पड़ा।
संगीता ने चेन्नई के पॉश इलाके नीलांकरै (Neelankarai) स्थित अपने पारिवारिक बंगले में रहने का कानूनी अधिकार मांगा था। उन्होंने विजय की सामाजिक स्थिति और आय के अनुरूप स्थायी गुजारा भत्ते की मांग रखी थी। पारिवारिक गरिमा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को कैमरे के समक्ष गुप्त रूप से चलाने का अनुरोध किया गया था।
यूनाइटेड किंगडम (UK) में पली-बढ़ीं श्रीलंकाई तमिल मूल की संगीता, विजय की 1996 की सुपरहीरो फिल्म ‘पूवे उनाक्कागा’ की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। वे विजय को बधाई देने चेन्नई आई थीं, जहाँ से दोनों के बीच घनिष्ठता बढ़ी। दोनों ने पहले 1998 में यूके में नागरिक विवाह (Civil Marriage) पंजीकृत कराया और फिर 25 अगस्त 1999 को चेन्नई में पारंपरिक हिंदू और तमिल रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह रचाया। इस दंपति के दो बच्चे हैं एक पुत्र जैसन संजय (Jason Sanjay), जो एक नवोदित फिल्म निर्देशक हैं, और एक पुत्री दिव्या साशा (Divya Sasha)।
यह मामला ऐसे समय में सुर्खियों में रहा जब विजय ने राजनीति में कदम रखते हुए अपनी पार्टी तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) की स्थापना की और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस संवेदनशील निजी मामले का सौहार्दपूर्ण अंत होना विजय और उनके राजनीतिक जीवन के लिए राहत की खबर है। याचिका के औपचारिक रूप से वापस लिए जाने और अदालत द्वारा केस बंद कर दिए जाने से इस कानूनी विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है।
चेंगलपट्टू परिवार न्यायालय के इस आदेश के बाद संगीता द्वारा दायर तलाक का केस कानूनन समाप्त हो चुका है। चूंकि यह याचिका अदालत द्वारा मेरिट के आधार पर खारिज नहीं की गई है, बल्कि याचिकाकर्ता द्वारा स्वयं वापस ली गई है, इसलिए संगीता के पास भविष्य में अपने वैवाहिक अधिकारों को लेकर नए सिरे से अदालत जाने की विधिक स्वतंत्रता बरकरार है।



