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अल्लू अर्जुन और एटली की मेगा साइंस-फिक्शन फिल्म ‘राका’ ने रचा वैश्विक इतिहास
रियल-टाइम मोशन कैप्चर में बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड; एक साथ 37 कलाकारों का मो-कैप कर हॉलीवुड के दबदबे को दी सीधी चुनौती

भारतीय सिनेमा के तकनीकी, दृश्य और रचनात्मक इतिहास में सोमवार, 21 सितंबर को एक स्वर्णिम और युगांतरकारी अध्याय जुड़ गया। तेलुगु सिनेमा के पैन-इंडिया आइकन स्टार अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) और बॉलीवुड व कॉलीवुड में ब्लॉकबस्टर्स की हैट्रिक लगाने वाले विख्यात निर्देशक एटली (Atlee) की बहुप्रतीक्षित साइंस-फिक्शन एक्शन फिल्म ‘राका’ (Raaka) ने सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने से लगभग एक वर्ष पूर्व ही विश्व पटल पर भारत का परचम लहरा दिया है।
फिल्म ने वर्चुअल प्रोडक्शन और विजुअल इफेक्ट्स की दुनिया में ‘रियल-टाइम में एक साथ सर्वाधिक लोगों के मोशन-कैप्चर’ (Most People Motion-Captured in Real-Time) के लिए प्रतिष्ठित गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Guinness World Records) में अपना नाम आधिकारिक रूप से दर्ज करा लिया है।
फिल्म के निर्माण बैनर सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड (सन पिक्चर्स / कलानिधि मारन) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुंबई में आयोजित एक तकनीकी सत्र के दौरान एक ही वॉल्यूम स्पेस (Capture Volume) में एक साथ 37 कलाकारों (Performers) की शारीरिक गतियों और चेहरे के भावों को बिना किसी डेटा लॉस (Signal Loss) या स्पेसियल विकृति (Spatial Distortion) के लाइव ट्रैक और रेंडर किया गया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की आधिकारिक निर्णायक समिति के वरिष्ठ निर्णायक (Senior Adjudicator) स्वप्निल डांगरीकर ने मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्य अभिनेता अल्लू अर्जुन और निर्देशक एटली (वी. अरुणकुमार) को आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड प्रमाणपत्र सौंपा।
सिनेमाई निर्माण के तकनीकी क्षेत्र में मोशन कैप्चर (Mo-Cap) वह उन्नत विधा है जिसके माध्यम से वास्तविक अभिनेताओं या स्टंट कलाकारों के शारीरिक मूवमेंट्स, मांसपेशियों के खिंचाव और फेशियल एक्सप्रेशंस को डिजिटल डेटा में बदला जाता है। इसके बाद इस डेटा को कंप्यूटर जनरेटेड (CGI) किरदारों जैसे पौराणिक जीव, एलियंस या रोबोट्स पर लाइव मैप किया जाता है।
हॉलीवुड की सबसे बड़ी वीएफएक्स फिल्मों जैसे जेम्स कैमरून की ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर’ या मार्वल स्टूडियोज की ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ में भी एक समय में सामान्यतः 4 से 8 मुख्य कलाकारों का ही लाइव मोशन-कैप्चर किया जाता है। जब एक सीमित स्टूडियो स्पेस (Capture Volume) में एक साथ 37 लोग दौड़ते, युद्ध करते या संवाद अदायगी करते हैं, तो एक कलाकार का शरीर दूसरे कलाकार के कैमरों के दृश्य पथ (Line of Sight) को अवरुद्ध कर देता है। इसे तकनीकी भाषा में ‘ऑक्लूजन’ कहा जाता है। ऑक्लूजन के कारण डिजिटल स्केलेटन टूट जाता है या हवा में तैरने लगता है।
‘राका’ की तकनीकी टीम ने इस बाधा को पार करने के लिए 92 ऑप्टिकल कैमरों का एक कस्टम-इंजीनियर्ड ग्रिड तैयार किया। प्रत्येक कैमरे को माइक्रोमीटर की सटीकता के साथ सिंक्रोनाइज किया गया था। स्टूडियो में 4 वर्ष के छोटे बच्चे की कोमल और अप्रत्याशित गतिविधियों से लेकर 70 वर्ष के बुजुर्ग कलाकार की धीमी शारीरिक गतियों को एक ही टाइम-कोड पर रिकॉर्ड किया गया।
निर्देशक एटली और सिनेमैटोग्राफर मॉनिटर पर केवल हरी पृष्ठभूमि या डॉट्स वाले सूट पहने कलाकारों को नहीं देख रहे थे, बल्कि अनरियल इंजन की मदद से वे वास्तविक समय में देख पा रहे थे कि 37 कलाकार कैसे एक पौराणिक युद्ध के मैदान में विशालकाय ‘बीस्ट्स’ और पौराणिक जीवों के रूप में दिखाई दे रहे हैं। यह तकनीक भारतीय सिनेमा को सीधे उस स्तर पर खड़ा करती है जिसकी कल्पना अब तक केवल पश्चिमी स्टूडियो में की जाती थी।
मुंबई में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का आधिकारिक प्रमाणपत्र स्वीकार करते समय मंच पर उपस्थित अल्लू अर्जुन और निर्देशक एटली अत्यंत भावुक नजर आए:
अल्लू अर्जुन का आधिकारिक वक्तव्य:
“हम इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि पर अत्यंत गौरवान्वित हैं, जो सिनेमा की सीमाओं को आगे बढ़ाकर वैश्विक स्तर पर एक नया मानदंड स्थापित करती है। यह हम सभी के लिए एक बेहद गर्व का क्षण है, और हम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आभारी हैं कि उन्होंने हमारे इस अथक प्रयास को आधिकारिक मान्यता प्रदान की।
यह सफलता मेरे निर्देशक, श्रीमान एटली के दूरदर्शी विजन, उनके जुनून और हमारी पूरी तकनीकी टीम के अविश्वसनीय समर्पण के बिना कभी संभव नहीं हो सकती थी। मैं सन पिक्चर्स और कलानिधि मारन सर का हृदय से धन्यवाद करता हूं जिन्होंने इस विशाल महत्वाकांक्षा और तकनीकी पैमाने वाले प्रोजेक्ट पर अपना अटूट भरोसा जताया। यह पल हम सभी के लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा।”
निर्देशक एटली का भावुक वक्तव्य:
“बचपन में हम हमेशा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की कहानियों को असीम विस्मय और कौतूहल के साथ सुना करते थे, और कभी यह कल्पना नहीं की थी कि एक दिन ईश्वर की कृपा से हम खुद इसका हिस्सा बनेंगे!
37 मोशन-कैप्चर कलाकारों को एक ही शॉट में वास्तविक समय में एक साथ डिजिटल रूप से जीवित करना किसी सपने जैसा लगता है।
मेरे लिए यह उपलब्धि इस बात का स्मरण कराती है कि जब आप बड़ा सपना देखते हैं और अपनी पूरी टीम के साथ अटूट विश्वास से काम करते हैं, तो कभी-कभी असंभव भी संभव हो जाता है।
‘राका’ केवल एक फिल्म नहीं है, यह 18 वर्षों से मेरे सीने में धड़कता हुआ एक विचार है जिसे मैंने कभी धुंधला नहीं होने दिया। मैं अपनी पूरी वीएफएक्स टीम, एप्पल आर्ट स्टूडियो और अल्लू अर्जुन सर का आभारी हूं जिन्होंने मेरे इस सपने पर विश्वास किया।”
फिल्म ‘राका’ के कथानक और कैनवास को लेकर जो जानकारियां अब तक सामने आई हैं, वे इसे भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे भव्य और जोखिम भरी परियोजना बनाती हैं 8 अप्रैल को अभिनेता के जन्मदिन पर जारी किए गए फिल्म के आधिकारिक पोस्टर में अल्लू अर्जुन पूरी तरह गंजे (Bald), आंखों में गहरा काला सुरमा (Kohl-lined eyes), घनी धूसर दाढ़ी और हाथों में नुकीले जानवर जैसे नाखूनों (Animal Claws) के साथ कैमरे की ओर खूंखार भाव से देखते नजर आए थे। इस फर्स्ट लुक ने साफ कर दिया था कि वे फिल्म में एक पौराणिक या जेनेटिक रूप से रूपांतरित प्राणी (Creature) की भूमिका निभा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म की पटकथा दो अलग-अलग दुनियाओं और समय-सीमाओं के बीच चलती है। एक सिरा प्राचीन वैदिक और पौराणिक जनजातीय काल से जुड़ा है, जबकि दूसरा सिरा आधुनिक समकालीन महानगर से संबंधित है। ट्रेड सूत्रों के मुताबिक, सन पिक्चर्स इस फिल्म को दो भागों (Two-Part Franchise) में तैयार कर रहा है, जिसका संयुक्त बजट ₹1,000 करोड़ के आसपास आंका गया है। फिल्म में हॉलीवुड के शीर्ष एक्शन डायरेक्टर्स और अंतरराष्ट्रीय क्रिएचर डिजाइनर्स की सेवाएं ली जा रही हैं।
सिनेमा उद्योग के दिग्गजों और फिल्म समीक्षकों ने ‘राका’ की इस उपलब्धि को भारतीय सिनेमा के लिए एक गेम-चेंजर करार दिया है:
‘राका’ द्वारा बनाया गया यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड केवल तकनीकी आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि यह उस आत्मविश्वास की हुंकार है जो आज के नए भारत और उसके सिनेमा में धड़क रही है। दशकों तक भारतीय दर्शक हॉलीवुड की फिल्मों के स्पेशल इफेक्ट्स और मोशन-कैप्चर को देखकर विस्मय से भर जाते थे और यह मानकर चलते थे कि ऐसी तकनीक हमारे देश में संभव नहीं है।
एस.एस. राजामौली की ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ ने जिस प्रकार भारतीय कहानियों के लिए दुनिया के दरवाजे खोले, उसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए एटली और अल्लू अर्जुन की जोड़ी ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक के मामले में भी भारत अब किसी से पीछे नहीं है।
मुंबई के स्टूडियो में 92 कैमरों के सामने 37 कलाकारों की समकालिक धड़कनों को एक साथ डिजिटल कैनवास पर उतारकर ‘राका’ ने यह संदेश दे दिया है कि 2027 में जब यह फिल्म सिनेमाघरों के बड़े पर्दे पर उतरेगी, तो यह केवल एक फिल्म का प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि वैश्विक सिनेमा पर भारतीय तकनीकी कौशल का स्थायी हस्ताक्षर होगा।



