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गाले टेस्ट में ऋषभ पंत का ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड: टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने

गिलक्रिस्ट और स्टोक्स के रिकॉर्ड ध्वस्त

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषपंत (Rishabh Pant) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए इतिहास रच दिया है। श्रीलंका के खिलाफ गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन मंगलवार को पंत ने टेस्ट क्रिकेट के 149 वर्षों के इतिहास में सबसे तेज 100 छक्के जड़ने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
अपनी आक्रामक और निर्भीक बल्लेबाजी के लिए विश्व विख्यात पंत ने मात्र 89 पारियों (51 टेस्ट मैचों) में यह जादुई आंकड़ा छूकर ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट के 130 पारियों के रिकॉर्ड को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही वे टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्कों का मील का पत्थर हासिल करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज और दुनिया के चौथे खिलाड़ी बन गए हैं।
पंत ने अपनी तूफानी पारी के दौरान श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की गेंद पर आगे निकलकर अपने सिग्नेचर अंदाज में गगनचुंबी छक्का जड़ा और 100 टेस्ट छक्के पूरे करने के साथ ही अपना तेजतर्रार अर्धशतक भी पूरा किया। गाले टेस्ट की पहली पारी में 178 रनों की मजबूत बढ़त हासिल करने के बाद, चौथे दिन सुबह भारतीय टीम ने तेजी से रन बनाकर श्रीलंका के सामने विशाल लक्ष्य रखने की रणनीति अपनाई
चौथे दिन के पहले सत्र में जब कप्तान शुभमन गिल आउट हुए और भारत का स्कोर 81/3 था, तब ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए आए। ड्रेसिंग रूम से उन्हें साफ निर्देश थे कि वे अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली से विरोधी टीम पर दबाव बनाएं। पंत ने 13वीं गेंद पर पहला चौका जड़ा और उसके बाद लाहिरू कुमारा की गेंद पर लांग-ऑन के ऊपर से ऐसा विशालकाय छक्का मारा कि गेंद स्टेडियम से बाहर चली गई और अंपायरों को नई गेंद मंगवानी पड़ी। स्पिनर केशरा नुवांता के एक ही ओवर में तीन चौके जड़ने के बाद पंत ने अगले ओवर में कुमारा की शॉर्ट-पिच गेंद पर पुल करते हुए अपना 100वां टेस्ट छक्का पूरा किया और बल्ला उठाकर ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया।
ऋषभ पंत ने पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट की परिभाषा को पूरी तरह बदलकर रख दिया है टेस्ट इतिहास में अब तक केवल एडम गिलक्रिस्ट ही 100 छक्के लगाने वाले विकेटकीपर थे। पंत इस मुकाम तक पहुंचने वाले खेल के इतिहास के दूसरे विकेटकीपर बन गए हैं।
गाबा (ब्रिस्बेन), सिडनी, बर्मिंघम, केप टाउन और अब गाले पंत ने हर महाद्वीप और हर कठिन परिस्थिति में अपनी काउंटर-अटैकिंग बल्लेबाजी से भारत को असंभव से लगने वाले मैचों में जीत दिलाई है।
मात्र 28 वर्ष की उम्र और 51 टेस्ट मैचों में 100 छक्के पूरे करने के बाद यह तय माना जा रहा है कि ऋषभ पंत आने वाले समय में बेन स्टोक्स के 138 छक्कों के सर्वकालिक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगे। गाले के मैदान पर बना यह विश्व रिकॉर्ड न केवल ऋषभ पंत के अद्वितीय कौशल और आत्मविश्वास का प्रमाण है, बल्कि यह टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी के नए युग की निर्भीक पहचान भी है।

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