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संचार का नया व्याकरण: BitChat और ऑफलाइन डिजिटल क्रांति

मेश नेटवर्किंग (Mesh Networking): BitChat का तकनीकी आधार

ट्विटर (अब X) के दूरदर्शी पूर्व सह-संस्थापक जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) ने तकनीकी जगत में एक बार फिर वैचारिक क्रांति का सूत्रपात किया है। उनका नवीनतम नवाचार, ‘BitChat’, एक ऐसा विकेंद्रीकृत (Decentralized) मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है जो इंटरनेट, वाई-फाई या पारंपरिक सेलुलर नेटवर्क की अनुपस्थिति में भी काम करने की क्षमता रखता है। यह केवल एक संचार ऐप नहीं है, बल्कि डिजिटल संप्रभुता और प्राइवेसी की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है।

2026 में जब इंटरनेट की उपलब्धता को विकास का पर्याय माना जा रहा है, जैक डॉर्सी ने इसके विपरीत ‘ऑफलाइन-फर्स्ट’ संचार का मॉडल पेश किया है। BitChat का जन्म इस विचार से हुआ है कि संचार एक बुनियादी मानवीय आवश्यकता है, जिसे किसी सेंट्रलाइज्ड सर्वर या टेलीकॉम कंपनी की दया पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

BitChat की सबसे बड़ी शक्ति इसकी कार्यप्रणाली में छिपी है। यह मेश नेटवर्किंग नामक तकनीक का उपयोग करता है। पारंपरिक ऐप्स (जैसे व्हाट्सएप) में संदेश पहले कंपनी के सर्वर पर जाता है और फिर प्राप्तकर्ता तक। BitChat में संदेश सीधे एक फोन से दूसरे फोन पर ‘ब्लूटूथ’, ‘वाई-फाई डायरेक्ट’ और ‘अल्ट्रा-वाइडबैंड’ (UWB) के माध्यम से यात्रा करता है।

यदि आप अपने मित्र से 500 मीटर दूर हैं (जो ब्लूटूथ रेंज से बाहर है), तो BitChat आसपास के अन्य उपयोगकर्ताओं के फोन को ‘नोड्स’ के रूप में उपयोग करेगा। आपका एन्क्रिप्टेड संदेश एक फोन से दूसरे फोन पर तब तक ‘जंप’ करेगा जब तक वह आपके मित्र तक न पहुँच जाए।

BitChat उन लोगों के लिए एक वरदान है जो डेटा माइनिंग और सर्विलांस से थक चुके हैं। चूँकि कोई केंद्रीय सर्वर नहीं है, इसलिए BitChat आपका डेटा (मेटाडेटा सहित) स्टोर नहीं करता। कंपनी के पास यह रिकॉर्ड ही नहीं होता कि आपने किससे, कब और क्या बात की।

दुनिया भर की सरकारें अक्सर विरोध प्रदर्शनों के दौरान इंटरनेट बंद (Internet Shutdown) कर देती हैं। BitChat ऐसी स्थितियों में ‘किल स्विच’ को बेअसर कर देता है। जब तक फोन की बैटरी चार्ज है और आसपास अन्य BitChat उपयोगकर्ता हैं, सूचनाओं का प्रवाह नहीं रुक सकता।

BitChat की वास्तविक क्षमता संकट के समय उभर कर आती है भूकंप, सुनामी या युद्ध जैसी स्थितियों में जब संचार के टावर ध्वस्त हो जाते हैं, BitChat राहत और बचाव दलों के बीच संचार का एकमात्र साधन बन सकता है। पहाड़ों, रेगिस्तानों या समुद्री यात्राओं के दौरान जहाँ सिग्नल नहीं पहुँचते, वहां यह तकनीक यात्रियों को आपस में जोड़े रखती है। युद्ध क्षेत्रों या प्रतिबंधित क्षेत्रों से सूचनाएं बाहर भेजने के लिए यह एक सुरक्षित और अभेद्य जरिया प्रदान करता है।

हर नई तकनीक की तरह BitChat के सामने भी कुछ बाधाएं हैं मेश नेटवर्क की सफलता के लिए आसपास पर्याप्त उपयोगकर्ताओं का होना जरूरी है। सुनसान इलाके में जहाँ कोई दूसरा फोन न हो, वहां यह काम नहीं करेगा। लगातार ब्लूटूथ और रेडियो सिग्नल भेजने-पाने से फोन की बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डॉर्सी की टीम इसके लिए ‘लो-एनर्जी प्रोटोकॉल’ (BLE) पर काम कर रही है। यह ऐप टेक्स्ट और छोटे वॉयस नोट के लिए उत्कृष्ट है, लेकिन 4K वीडियो या बड़ी फाइलें ऑफलाइन मेश पर भेजना वर्तमान में काफी धीमा हो सकता है।

जैक डॉर्सी का यह कदम केवल तकनीक के बारे में नहीं है, बल्कि यह ‘प्रोटीन’ (Proton) और ‘नॉस्टर’ (Nostr) जैसे ओपन-सोर्स प्रोटोकॉल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। वे ‘दीवारों से घिरे बाग’ (Walled Gardens) जैसे एप्पल और मेटा के इकोसिस्टम को चुनौती दे रहे हैं।

विशेषता पारंपरिक ऐप्स (WhatsApp/X) BitChat (P2P)
इंटरनेट निर्भरता अनिवार्य वैकल्पिक / शून्य
डेटा स्टोरेज कॉर्पोरेट सर्वर पर केवल प्रेषक और प्राप्तकर्ता के डिवाइस पर
सेंसरशिप संभव (सरकारी आदेश पर) असंभव
प्राइवेसी एन्क्रिप्शन के बावजूद मेटाडेटा ट्रैक होता है पूर्ण गुमनामी

कहा जा रहा है कि BitChat का भविष्य बिटकॉइन लाइटनिंग नेटवर्क के साथ जुड़ा हो सकता है। इसका मतलब है कि भविष्य में आप न केवल संदेश भेज सकेंगे, बल्कि बिना इंटरनेट के ‘ऑफलाइन डिजिटल ट्रांजेक्शन’ भी कर सकेंगे। यह डिजिटल अर्थव्यवस्था में क्रांति ला सकता है।

BitChat हमें तकनीक के उस मूल वादे की याद दिलाता है जहाँ यह इंसान को ‘आजाद’ करने के लिए थी, न कि उसे ट्रैक करने या विज्ञापनों का उत्पाद बनाने के लिए। जैक डॉर्सी ने साबित कर दिया है कि भविष्य केवल 6G या सैटेलाइट इंटरनेट में नहीं है, बल्कि हमारे हाथ में मौजूद उपकरणों को अधिक समझदार और आत्मनिर्भर बनाने में है। BitChat केवल एक ऐप नहीं, बल्कि “संचार का लोकतंत्र” है। यह हमें एक ऐसी दुनिया की झलक दिखाता है जहाँ हमारी बातचीत निजी है, हमारा नेटवर्क हमारा अपना है, और जहाँ कनेक्टिविटी अब किसी कंपनी का एहसान नहीं है।

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