ओपिनियन
-
उड़ानों में देरी और विमानन अराजकता: यात्री अधिकार अब केवल माफी से आगे बढ़ने चाहिए
कल्पना कीजिए कि आपने महीनों पहले अपनी मेहनत की कमाई से एक छुट्टी की योजना बनाई है, या आप किसी…
Read More » -
निजी अंतरिक्ष दौड़ का आगाज़: क्या भारत कमर्शियल लॉन्च क्रांति के लिए तैयार है?
दशकों तक, भारत के लिए ‘अंतरिक्ष’ का मतलब केवल एक नाम था इसरो (ISRO)। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जब…
Read More » -
डिजिटल छात्र पहचान पत्र: नवाचार या निजता का संकट?
कल्पना कीजिए कि एक छात्र की पूरी शैक्षणिक यात्रा उसके नर्सरी के रिपोर्ट कार्ड से लेकर कॉलेज की पीएचडी की…
Read More » -
भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था: मुनाफे की दौड़ में पिसता आम आदमी
आज के समय में अगर किसी मध्यमवर्गीय परिवार से पूछा जाए कि उन्हें सबसे ज्यादा डर किस बात से लगता…
Read More » -
SHANTI विधेयक: परमाणु सुधार या सुरक्षा से समझौता?
भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दशकों से चली आ रही ‘सरकारी एकाधिकार’ की दीवारें अब ढहने वाली हैं। प्रस्तावित…
Read More » -
बार-बार यात्रा संकट: क्यों भारत के परिवहन तंत्र हर बार विफल हो जाते हैं?
भारत में यात्रा करना कभी-कभी एक साहसिक कार्य बन जाता है, लेकिन अक्सर यह साहस निराशा और थकान में बदल…
Read More » -
हिजाब, पहचान और राजनीति: संवैधानिक सिद्धांतों की कसौटी पर बिहार का विवाद
भारत का राजनीतिक परिदृश्य अक्सर ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ जैसे बुनियादी मुद्दों से भटककर भावनात्मक और पहचान-आधारित बहस की ओर…
Read More » -
कोहरे में मौतें: हर सर्दी क्यों सड़कें बन जाती हैं काल?
सर्दी आते ही उत्तर भारत के मैदानों पर कोहरा छा जाता है। सुबह की धुंध में सड़कें रहस्यमयी लगने लगती…
Read More » -
क्या भारत विकास और रोज़गार के बीच तालमेल खो रहा है?
जब भी आधिकारिक आंकड़े सामने आते हैं, हम खुशी से झूम उठते हैं भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती…
Read More » -
स्वच्छ ऊर्जा की दौड़, गंदी ज़मीनी हकीकत: हरित परियोजनाओं की छिपी हुई लागत
आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों से जूझ रही है। भारत ने भी इस लड़ाई में खुद को…
Read More » -
वायु प्रदूषण का वार्षिक चक्र: हर सर्दी में प्रदूषण क्यों लौटता है और समाधान क्यों नहीं?
नवंबर आते ही, उत्तर भारत, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर, एक जानी-पहचानी और डरावनी सच्चाई का सामना करने लगता है प्रदूषण की दम…
Read More » -
लाख टेक नौकरियाँ गायब: भारत के सपनों पर वैश्विक छंटनी का क्या असर?
दुनिया की टेक कंपनियों से आ रही छंटनी की खबरें अब रोज़मर्रा की बात बन चुकी हैं। एक साल में…
Read More » -
यूनिकॉर्न से धूल तक? भारत के स्टार्टअप्स को अब हिम्मत की नई परीक्षा
पिछले दस–बारह सालों में भारत की स्टार्टअप दुनिया ने जो सफ़र तय किया है, वह किसी फिल्म की कहानी से…
Read More » -
पारंपरिक चिकित्सा: वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व या केवल नीतिगत मोह?
भारत की पहचान सदियों से ज्ञान, दर्शन और स्वास्थ्य के प्राचीन सिद्धांतों से जुड़ी रही है। आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा…
Read More » -
बिग टेक का भारत प्रवेश: माइक्रोसॉफ्ट के 17.5 अरब डॉलर का एआई दांव
भारत के डिजिटल भविष्य को लेकर चल रही बहस अब केवल स्टार्टअप्स और आईटी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि…
Read More » -
क्या मोटापा भारत के लिए अगला बड़ा जन-स्वास्थ्य खतरा है?
जब हम ‘महामारी’ शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में तुरंत कोविड-19 या संक्रामक रोगों का चित्र आता है। लेकिन…
Read More »